रायगढ़। जिले के गेजामुडा की एक घटना को लेकर कुछ मीडिया समूहों, डिजीटल प्लेटफार्म, वेब पोर्टलों, फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पेजों द्वारा “4 साल की बच्ची को भेजा जेल” शीर्षक से भ्रामक एवं तथ्यहीन समाचार प्रसारित किया जा रहा है, जो पूर्णत: असत्य है। वास्तविकता यह है कि 05 फरवरी 2026 को ग्राम गेजामुडा में राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन की कार्यवाही के दौरान कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई थी।

इस संबंध में थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 38/2026 धारा 132, 221 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान चार आरोपियों की पहचान सुनिश्चित होने पर दिनांक 22 मार्च 2026 को उनकी विधिवत मूल अपराध में गिरफ्तारी की गई।

उक्त गिरफ्तारी के पश्चात स्थानीय ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु समझाइश दी गई, किन्तु शांति व्यवस्था भंग करने पर कोतरारोड़ पुलिस द्वारा 4 वयस्क महिला एवं 4 पुरुषों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 170/126, 135(3) {पुराने CrPC की धारा 151} के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उर्दना पुलिस लाइन लाया गया, जहां एसडीएम रायगढ़ द्वारा उर्दना से ही महिलाओं को मुचलके पर छोड़ा गया है । इस संपूर्ण घटनाक्रम में किसी भी नाबालिग के विरुद्ध कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।

इसके बावजूद दिनांक 23 मार्च 2026 से कुछ वेब पोर्टल एवं इंस्टाग्राम पेज द्वारा न केवल भ्रामक समाचार प्रसारित किया गया, बल्कि नाबालिग बच्चों के फोटो एवं वीडियो बिना ब्लर किए प्रसारित किए गए, जो विधि का उल्लंघन होने के साथ-साथ अत्यंत आपत्तिजनक कृत्य है। इस संबंध में संबंधित डिजीटल प्लेटफार्म, फेसबुक, वेब पोर्टल एवं इंस्टाग्राम पेज संचालकों को नोटिस जारी करने की कार्यवाही की जा रही है। जिला पुलिस रायगढ़ द्वारा सभी सम्मानित मीडिया प्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे तथ्यों की पुष्टि के बिना इस प्रकार की भ्रामक खबरों का प्रसारण न करें तथा जिम्मेदार पत्रकारिता का पालन करें।

By kgnews

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