रायपुर.

आगामी राष्ट्रीय जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना कई मायनों में अलग होगी, क्योंकि पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल मॉडल पर आधारित होगी। सभी प्रकार का डेटा मोबाइल एप के माध्यम से जुटाया जाएगा और नागरिकों की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का विकल्प भी दिया जाएगा। जिले में जनगणना का काम शुरू हुआ। इसके लिए पहले जिले की ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। सभी एरिया को कोर सेक्टरों में बांटा जाएगा। कोर सेक्टरों के अनुसार ही पहले घरों की गणना की जाएगी। 1 मई से इसी लिस्ट को लेकर जनगणना में लगे कर्मचारी लोगों के घरों में जाएंगे। इसके बाद 16 अप्रैल से जनगणना की वेबसाइट se.census.gov.in में ऑनलाइन जानकारी अपलोड कर सकते हैं। जानकारी का सत्यापन कर्मचारी 1 मई से घरों में आकर करेंगे। छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग का काम शुरू किया जाएगा। इसके तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का काम शुरू किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से दो बड़े काम होंगे।

छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए 16 अप्रैल से ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप खुलेगा। इसके बाद लोग खुद अपनी और अपने घर की जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकेंगे। इसके लिए ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन भी होगा। जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में मई महीने से मकान सूचीकरण का काम शुरू होगा। इसमें भवन, उसमें मौजूद मकानों की संख्या और उनका उपयोग- आवासीय या कार्यालय- की जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रत्येक 180 से 200 भवनों पर एक प्रगणक नियुक्त किया जाएगा।

प्रगणक घरों की संख्या, आवास की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगा। साथ ही सामान्य परिवार, संस्थागत परिवार और बेघर परिवारों की भी गणना की जाएगी। इसी को देखते हुए नगर निगम ने अभी से शहर में मकानों की नंबरिंग शुरू कर दी है। जनगणना से पहले ट्रेनिंग राजधानी में जिन लोगों की ड्यूटी जनगणना करने में लगाई गई है उन्हें प्रशिक्षित करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। कलेक्टोरेट के रेडक्रॉस सभाकक्ष में जनगणना 2027 के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन ने इस मौके पर अफसर-कर्मचारियों से बात भी की। ट्रेनिंग लेने वालों को जनगणना की प्रक्रिया, सर्वेक्षण का तरीका, डेटा संकलन और दायित्वों की जानकारी विस्तार से दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर मनीष मिश्रा, सभी एसडीएम, निगम के सभी जोन कमिश्नर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सीएमओ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

इस तरह के सवाल पूछे जाएंगे
जनगणना के दौरान लोगों से करीब 33 सवाल पूछे जाएंगे। लोगों को बताना होगा कि उनके मकान की छत, फर्श, दीवार में किस सामग्री से बनी है, रेडियो, टीवी और इंटरनेट जैसी सुविधाएं हैं या नहीं, घर में कितने लोग रहते हैं, कौन-कौन सी गाड़ियों का उपयोग करते हैं, बिजली-पानी की सुविधा है या नहीं, किचन में खाना बनाने के लिए क्या यूज करते हैं, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल, स्मार्टफोन क्या चलाते हैं इस तरह के सवाल रहेंगे। इसके अलावा घरों में रहने वाले विवाहित जोड़ों के नाम और मोबाइल नंबर भी नोट किए जाएंगे। आम लोगों से ली गई यह जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। अफसरों के अनुसार पहली बार डिजिटल गणना की जा रही है। इसलिए जनगणना करने वालों के पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी होंगे।

घट-बढ़ सकती है प्रगणकों की संख्या –
रायपुर जिले में 5700 प्रगणक और सुपरवाइजर की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि इनकी संख्या बढ़ या घट भी सकती है। हालांकि पूरे जिले के लिए 30 चार्ज ऑफिसर जनगणना के लिए नियुक्त होंगे। इस बार जनगणना एप के माध्यम से होगी और इसमें दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह से गोपनीय रहेंगी। इस डाटा का उ‌पयोग केंद्र सरकार अपनी योजनाओं को बनाने के लिए करेगी। इसलिए हर नागरिक अपनी सही जानकारी दें, ताकि देशवासियों के लिए सही योजना बन सके।
– मनीष मिश्रा, अपर कलेक्टर, जिला नोडल अधिकारी

जनगणना 2027 की तैयारी: निगम ने शुरू किया मकानों की नंबरिंग
2027 में होने वाले जनगणना के लिए राजधानी में निगम ने पहले चरण की प्रक्रिया के लिए तैयारी शुरू कर दी है। जनगणना निदेशालय के निर्देश पर निगम की जोन क्रं. 3 की टीम ने वार्ड क्रं. 30 शंकर नगर क्षेत्र के मकानों की नंबरिंग कार्य शुरू कर दिया है। इसमें मकान के दीवारों पर पेंट से वार्ड और मकान संख्या लिखा जा रहा है, ताकी आगामी मकानों की सूचीकरण कार्य आसानी से किया जा सके। जल्द ही अन्य वार्डों में भी मकान की नंबरिंग का कार्य जोन टीम द्वारा शुरू किया जाएगा।

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