रायगढ़। पुरानी रंजिश के चलते एक युवक ने हत्या का प्रयास करते हुए दो लोगों की बेरहमी से पिटाई कर दी। घर जाते समय आरोपी ने उनका रास्ता रोककर मारपीट की घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां अपर सत्र न्यायाधीश ने उसे 7 साल के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला छाल थाना क्षेत्र का है। दरअसल 4 अगस्त 2019 को शैलेष यादव ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात करीब साढ़े 9 बजे वह घर जा रहा था। इसी दौरान मेन रोड स्थित विवेकानंद कॉन्वेंट स्कूल के पास नवापारा निवासी घनाराम और परसराम बाइक से आ रहे थे।
तभी प्लासीदियुस बरवा का 28 वर्षीय बेटा प्रताप बरवा अपने घर के सामने हॉकी स्टिक लेकर खड़ा था। पुरानी रंजिश के चलते उसने घनाराम और परसराम का रास्ता रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद आरोपी ने अपने हाथ में रखी हॉकी स्टिक से हत्या की नीयत से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में घनाराम के गर्दन और कमर में गंभीर चोटें आईं, जबकि परसराम के कमर, दाहिने हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोट पहुंची।
घटना को देखकर आसपास के रहने वाले विमल राठिया और स्वपनील सारथी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर दोनों को बचाया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को इलाज के लिए SECL अस्पताल, नवापारा में भर्ती कराया। इसके बाद शैलेष यादव की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। जहां मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषी पाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा ने हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी को 7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अलग-अलग धाराओं में कुल 4,500 रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।

