– ड्रिप सिंचाई, शेडनेट और सब्जी उत्पादन से बदली जिंदगी, कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने वाली मैना बाई की कहानी
मोहला । जिले के ग्राम हथरा की निवासी मैना बाई एक मेहनती एवं प्रेरणादायक कृषक हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता भले ही प्राथमिक स्तर तक सीमित रही हो, लेकिन अपने अनुभव, लगन और मेहनत के बल पर उन्होंने कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
शुरुआत में मैना बाई पारंपरिक खेती करती थीं। वर्ष 2011-12 में उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी मिलने पर उन्होंने नई दिशा में कदम बढ़ाया। प्रारंभ में उन्होंने मसाला एवं सब्जी उत्पादन के लिए केवल 0.250 हेक्टेयर भूमि में खेती शुरू की। जब उन्होंने पारंपरिक फसलों की तुलना में सब्जियों से अधिक उत्पादन और आय देखी, तो उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए अपनी पूरी 1.011 हेक्टेयर भूमि में सब्जी उत्पादन प्रारंभ कर दिया।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत उन्हें विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। वर्ष 2024-25 में जिला खनिज न्यास के सहयोग से उनके खेत में सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप) प्रणाली स्थापित की गई। इसके साथ ही सब्जी उत्पादन को और उन्नत बनाने हेतु मल्चिंग शीट और शेडनेट की सुविधा भी प्रदान की गई।
वर्तमान वर्ष 2025-26 में उन्होंने जनवरी एवं फरवरी माह में करेला, बैंगन एवं टमाटर की खेती की। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उनकी खेती की लागत में कमी आई और उत्पादन में वृद्धि हुई। जहां उनकी कुल लागत लगभग 1.25 लाख रुपए रही, वहीं अनुमानित आय लगभग 3.00 लाख रुपए तक पहुंच गई।
आज मैना बाई अपने क्षेत्र में एक सफल उद्यानिकी महिला कृषक के रूप में जानी जाती हैं। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही है, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनका यह प्रयास दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और मेहनत के बल पर कोई भी किसान उन्नति की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।



