CG : बेमेतरा में बढ़ती गर्मी के बीच पराली जलाने पर रोक की अपील, कृषि विभाग ने दी चेतावनी …

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बेमेतरा । जिले में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में कुछ स्थानों से किसानों द्वारा पराली (फसल अवशेष) जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो प्रशासन और कृषि विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। इस संबंध में कृषि विभाग बेमेतरा ने जिले के समस्त कृषकों से अपील करते हुए कहा है कि वे पराली जलाने से पूरी तरह बचें और पर्यावरण संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

कृषि विभाग के अनुसार पराली जलाने से न केवल वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ता है, बल्कि इससे आग लगने की घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है, जिससे आसपास के खेतों, संपत्तियों और कभी-कभी जनहानि तक की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा, पराली जलाने का सीधा असर मिट्टी की गुणवत्ता पर पड़ता है। इससे भूमि की उर्वरता में कमी आती है और मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवाणु एवं सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, जो फसल उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक होते हैं।

विभाग ने किसानों को पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाने की सलाह दी है। इनमें पराली को खेत में मिलाकर जैविक खाद के रूप में उपयोग करना, आधुनिक कृषि यंत्रों जैसे हैप्पी सीडर, रोटावेटर आदि का उपयोग करना, तथा पराली को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल करना शामिल है। इन उपायों से न केवल पर्यावरण की रक्षा होगी, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी और किसानों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा।

कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पराली जलाने पर शासन द्वारा दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे में किसानों से अपेक्षा की गई है कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। अंत में, विभाग ने सभी कृषकों से जिम्मेदार नागरिक के रूप में आगे आने और पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की है, ताकि बेमेतरा जिले को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।

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