राजनांदगांव , डोंगरगढ़ क्षेत्र के मुरमुंदा चौक में सोमवार को चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच बधियाटोला, रामनगर और छिरपानी के सैकड़ों किसान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर बैठ गए।
सुबह 11 बजे से शुरू हुआ यह चक्काजाम शाम तक चला, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इस किसान शक्ति प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व किसान नेता दशरथ सिंह ठाकुर सहित क्षेत्र के प्रमुख लोग शामिल रहे।
आंदोलन में सोमेश्वर सिन्हा, हरीश भंडारी, विजय राज, खेलू पटेल, अमरचंद निषाद, प्रमोद कुमार, संतोष बहेकर और अशोक शेंडे, प्रकाश सेन, घनश्याम सिन्हा, अर्जुन बांधे, खेमिन ठाकुर, घनश्याम साहू, छोटे लाल वर्मा, पलटन सिन्हा, गोपाल सिन्हा, चेतन सिन्हा, मंगल साहू, बड़े लाल वर्मा, गुलशन सिन्हा, बबला सिन्हा, संतु सिन्हा, भगवानिक साहू, संतोष चंद्रवंशी, दीप चंद्रवंशी, भारत सिन्हा और मनोज साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे किसानों ने मुरमुंदा चौक पर मोर्चा संभाल लिया। देखते ही देखते यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया। इस दौरान राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। पुलिस और प्रशासनिक अमला घंटों तक किसानों को समझाने की कोशिश करता रहा, पर वे टस से मस नहीं हुए।
बरसों से वे वहीं अपना धान बेचते आ रहे हैं दरअसल, किसान इस बात से नाराज थे कि प्रशासन उन्हें उनकी पुरानी मुड़पार सोसाइटी से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी में था। किसानों का तर्क है कि मुड़पार सोसाइटी उनके लिए सुविधाजनक है और बरसों से वे वहीं अपना धान बेच रहे हैं।






