राजनांदगांव , जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को सांसद संतोष पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिले में संचालित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं, नवाचारों और विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद पाण्डेय ने कहा कि विकास कार्यों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के साथ समाज की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने पेयजल, स्कूलों में सुधार और अन्य जनहित के छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता और समाज की सक्रिय भागीदारी से ही योजनाओं का प्रभाव व्यापक होता है।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने बताया कि जिले में जल संरक्षण और फसल विविधीकरण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि 1 मई से जनगणना के प्रथम चरण के तहत हाउस लिस्टिंग कार्य शुरू होगा। इससे पहले स्व-गणना पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को स्वयं जानकारी भरने के लिए प्रेरित किया गया। कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना के तहत नि:शुल्क ई-केवाईसी में सीएससी सेंटर द्वारा राशि वसूली की शिकायत पर सख्त रुख अपनाते हुए जांच और संबंधित एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। वहीं लंबे समय से अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई और ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप सुधार के निर्देश भी दिए गए।
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं के घर से बाहर जाने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या की रोकथाम के लिए स्कूल शिक्षा विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वित जागरूकता अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते बच्चों में जागरूकता विकसित की जाए, तो ऐसी घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने दुर्घटनाजन्य स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में प्रकाश व्यवस्था के साथ साइन बोर्ड लगाने कहा। बैठक के दौरान वनमंडलाधिकारी आशुष जैन ने बताया कि जिले में संग्रहण कार्य 1 से 5 मई के बीच प्रारंभ होगा। इस वर्ष तेंदूपत्ता की दरों में वृद्धि हुई है, जिससे संग्राहकों को लाभ मिलेगा।






