राजनांदगांव , जिला कृषि वस्तु विक्रेता संघ ने खाद, बीज और कीटनाशक कारोबार से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 12 प्रमुख मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आगामी खरीफ सीजन से पहले देशव्यापी अनिश्चितकालीन बंद किया जाएगा।
ज्ञापन के अनुसार, देशभर के करीब 5 लाख कृषि आदान व्यापारी लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। बार-बार मांग उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से व्यापारी अब आंदोलन की राह पर हैं। संघ ने खाद पर जबरन लिंकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, उर्वरकों की डिलीवरी सीधे बिक्री केंद्र तक सुनिश्चित करने और डीलर मार्जिन कम से कम 8 प्रतिशत करने की मांग की है। इसके अलावा साथी पोर्टल को वैकल्पिक बनाने, अवैध बीज बिक्री पर रोक लगाने, विक्रेताओं को दोषी के बजाय गवाह मानने तथा एक्सपायरी कीटनाशकों को कंपनियों द्वारा वापस लेने को अनिवार्य करने की बात कही गई है। व्यापारियों ने नए बीज अधिनियम और कीटनाशक विधेयक 2025 में रिटेलर्स को ‘प्रथम पक्ष’ बनाने के प्रावधान को भी शिथिल करने की मांग उठाई है।
लाइसेंस सिस्टम को समाप्त करने की मांग साथ ही, शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तर पर कमेटी गठन, लाइसेंस निलंबन के मामलों में 21 दिन में बहाली, हर साल अनिवार्य प्रमाणपत्र जोड़ने की बाध्यता खत्म करने और दोहरे लाइसेंस सिस्टम को समाप्त करने की भी मांग रखी गई है। संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी एक माह में समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो खरीफ सीजन से पहले देशभर के कृषि आदान व्यापारी अनिश्चितकालीन बंद पर चले जाएंगे। इससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने के साथ किसानों को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।






