कैरियर काउंसलिंग, ड्रॉप आउट रोकने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर
पीएमश्री स्कूल बच्चों के जीवन में बदलाव का नया अवसर – अलरमेलमंगई डी
महासमुंद, पीएम योजना अंतर्गत संचालित विद्यालयों की प्रगति एवं गतिविधियों की समीक्षा हेतु आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीएम के सेंट्रल नोडल अधिकारी अलरमेलमंगई डी ने जिले में संचालित पीएम स्कूलों की व्यवस्थाओं, अधोसंरचना, शिक्षण गुणवत्ता एवं विभिन्न मानकों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह एवं पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार मौजूद थे।
बैठक में सेंट्रल नोडल अधिकारी ने कहा कि पीएम स्कूल भारत सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी योजना है। यह बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल निर्धारित पैरामीटर के अनुरूप कार्य करें तथा प्रत्येक मानक को गंभीरता से लागू किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में कैरियर काउंसलिंग एवं मेंटल हेल्थ पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों को उनके भविष्य, रोजगार एवं उच्च शिक्षा के संबंध में उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपने लक्ष्य निर्धारित कर सकें। साथ ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में ड्रॉप आउट विद्यार्थियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सेंट्रल नोडल अधिकारी ने निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो। यदि किसी कारणवश विद्यार्थी ड्रॉप आउट हो रहे हैं तो उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जाएं तथा आवश्यकतानुसार उन्हें व्यावसायिक एवं ऑकेशनल ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू की जाए। सभी स्कूलों में योग गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय एवं कम्प्यूटर लैब की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी कम्प्यूटर चालू हालत में हों तथा प्रयोगशालाएं उच्च गुणवत्ता एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त हों। विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
सेंट्रल नोडल अधिकारी ने कहा कि जिले में संचालित सभी 12 पीएम श्री स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए ताकि विद्यार्थी अपने विद्यालय पर गौरव महसूस कर सकें। उन्होंने अधिकारियों एवं शिक्षकों से पूरी प्रतिबद्धता एवं मन लगाकर कार्य करने कहा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा रेखराज शर्मा एवं शिक्षा विभाग, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि जिले में भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया पीएम योजना अंतर्गत 12 स्कूल संचालित है। जिनमें से 8 प्राथमिक शाला एवं 4 हायर सेकेण्डरी स्कूल है। इन स्कूलों में 4 हजार 411 बच्चे अध्ययनरत है। योजना का उद्देश्य विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार एवं समग्र विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया जाना है।
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