कुटीर और ग्रामोद्योग को नए आयाम देने की तैयारी में मध्यप्रदेश हथकरघा, खादी, रेशम और महिला रोजगार पर विशेष फोकस

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार अब कुटीर एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र को रोजगार, नवाचार और बाजार से जोड़कर नया स्वरूप देने जा रही है। पारंपरिक शिल्प को आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ाने और ग्रामीण कारीगरों को बेहतर आय और पहचान दिलाने के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की पहचान महेश्वरी, चंदेरी, खादी और रेशम जैसे उत्पादों को सिर्फ संरक्षित ही नहीं, बल्कि विस्तारित और प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

हथकरघा क्लस्टर का विस्तार : महेश्वरी और चंदेरी की सफलता को देखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में भी नए हथकरघा क्लस्टर चिन्हित कर विकसित किए जाएंगे।

खादी उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा: पुराने कॉटन मिल क्षेत्रों और पारंपरिक बुनाई वाले इलाकों को जोड़कर खादी उत्पादन की नई योजना बनेगी। इसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना और स्थानीय रोजगार सृजित करना है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर: लूम और चरखा प्रदाय योजना को महिला एवं बाल विकास तथा कृषि विभाग के साथ जोड़कर रोजगारपरक बनाया जाएगा। रेशम उत्पादन को लखपति दीदियों से जोड़ने का लक्ष्य है।

ब्रांड आउटलेट का विस्तार : मृगनयनी, कबीरा और विंध्यावैली जैसे ब्रांड के एम्पोरियम अब फ्रेंचाइजी मॉडल पर अन्य जिलों में खुलेंगे। पर्यटन निगम के साथ मिलकर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आउटलेट स्थापित किए जाएंगे।

धार्मिक और सांस्कृतिक उत्पादों को बढ़ावा: धार्मिक स्थानों के लिए गुणवत्तापूर्ण पूजन सामग्री के उत्पादन और विक्रय को अनुदान और बैंक ऋण आधारित योजना से जोड़ा जाएगा।

नवाचार और युवा जुड़ाव: इंदौर की साड़ी वॉकथॉन की तर्ज पर उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में आयोजन होंगे। साड़ी पहनावे को बढ़ावा देने के लिए पुरस्कार योजना भी शुरू होगी।

रेशम और सिल्क टेक पार्क का विस्तार: ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में "प्राकृत" रेशम शोरूम खुलेंगे। पचमढ़ी के सिल्क टेक पार्क की तर्ज पर रातापानी और अमरकंटक में भी संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

ग्रामोद्योग इकाइयों को एमएसएमई से जोड़ना: ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना के लिए एमएसएमई विभाग की उद्यम क्रांति योजना के तहत लक्ष्य और आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन अनुसार कुटीर और ग्रामोद्योग सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का आधार है।

Admin

Share
Published by
Admin
Tags: khadisilk

Recent Posts

Rajnandgaon: सब्जी व्यापारी प्रेम लाल सोनकर का निधन

Rajnandgaon: सब्जी व्यापारी प्रेम लाल सोनकर का निधन

राजनांदगांव। नंदई चौक डबरी पारा निवासी प्रतिष्ठित सब्जी व्यापारी प्रेम लाल सोनकर, पिता स्वर्गीय लखन…

13 hours ago
CG : ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से क्रांति चंद्राकर की आय में हुआ इजाफा

CG : ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से क्रांति चंद्राकर की आय में हुआ इजाफा

महासमुंद , महासमुंद विकासखंड के ग्राम लोहारडीह निवासी क्रान्ति कुमार चंद्राकर एक शिक्षित एवं प्रगतिशील…

15 hours ago
CG : कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने प्राचार्यों एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों की ली बैठक

CG : कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने प्राचार्यों एवं संकुल शैक्षिक समन्वयकों की ली बैठक

कहा सुविधाओं में कमी नही होगी, परिणाम बेहतर आना चाहिए   गौरेला पेंड्रा मरवाही, कलेक्टर डॉ.…

15 hours ago
CG : 23 साल से सेवा दे रहे 60 कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत …

CG : 23 साल से सेवा दे रहे 60 कर्मचारियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत …

बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा नगर निगम के 60 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के पक्ष…

15 hours ago
CG : मत्स्य प्रजनन काल को देखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक रहेगा मत्स्याखेट प्रतिबंधित

CG : मत्स्य प्रजनन काल को देखते हुए 16 जून से 15 अगस्त तक रहेगा मत्स्याखेट प्रतिबंधित

मछलियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए घोषित किया गया बंदउल्लंघन पर 25 हजार रुपये…

15 hours ago