रायसेन
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के जंगलों में पुरातत्वविदों को एक बेहद प्राचीन और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। रायसेन के जामगढ़ गांव में पथरीले रास्तों के बीच करीब 800 मीटर के दायरे में फैले पत्थरों पर उकेरी गई प्राचीन पदचिन्हों (पैरों के निशान) की खोज की गई है।
ये पदचिन्ह किसी महान संत के हो सकते हैं
इसके साथ ही वहां शुरुआती 'नागरी लिपि' में लिखा एक शिलालेख भी मिला है, जोकरीब 10वीं-11वीं शताब्दी (परमार काल) का माना जा रहा है। इतिहासकारों का मानना है कि पत्थरों पर बने ये कदम किसी महान संत या जैन मुनि के हो सकते हैं, जो एक हजार साल पहले इस क्षेत्र से गुजरे थे।
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जुलाई, बुधवार को इंदौर में मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025…
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद से मुक्ति के लिए केंद्र…
इंदौर पुलिस विभाग में थोकबंद पदोन्नति के बाद हड़कंप मच गया है। सूची में गड़बड़ी…
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप वनवासी एवं तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के…
पत्थलगांव टोनही का आरोप लगा कर जेठ ने डंडे से पीट-पीट कर विधवा बहु की…
भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मंत्रि-परिषद की आगामी बैठक 18 जुलाई,…