म.प्र. बना निवेश एवं निर्यात का नया केंद्र, लैटिन अमेरिकी देशों में बढ़ रही ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों की मांग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से भारत के नए वैश्विक निवेश एवं निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। हमारा मध्यप्रदेश अब वैश्विक व्यापार जगत में भी अपनी सशक्त पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत तथा लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच बढ़ती परस्पर आर्थिक साझेदारी में मध्यप्रदेश भी अपनी अधिकतम क्षमताओं के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश असीम अवसरों की धरती है। प्रदेश की स्थिर और पारदर्शी नीतियां निवेश और उद्योग फ्रेंडली हैं। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल, फार्मा इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, डिफेंस सेक्टर, और टेक्नॉलजी के क्षेत्र में हम तेजी से प्रगति कर रहे हैं। हमारे पास 1.25 लाख एकड़ से अधिक का रेडी-टू-यूज़ लैंड बैंक उपलब्ध है। आज मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी का सबसे बड़ा हब बन चुका है। प्रदेश में 5 लाख किमी से अधिक के सुदृढ़ सड़क नेटवर्क और अत्याधुनिक रेल व हवाई कनेक्टिविटी ने यातायात को सुगम बना दिया है। अगले 5 सालों में हम 6 प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो मालवा से बुंदेलखंड और निमाड़ से विंध्य तक रोड़ कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लैटिन-अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों के व्यापार प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश में निवेश, उत्पादन और नवाचार के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि हम आपके साथ एक ठोस और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के मध्य में होने के कारण व्यापार-व्यवसाय के लिए सबसे अनुकूल स्थान है। राज्य में कानून- व्यवस्था की कोई परेशानी नहीं है। यहां औद्योगिक कुशल श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश सबको अपनाने वाला राज्य है, जो एक बार आता है, यहीं का होकर रह जाता है। मध्यप्रदेश में खुले दिल से निवेश करें, यहां निवेश करना बड़े लाभ का सौदा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच – 2026 के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर इस ट्रेड फोरम के उद्घाटन सत्र का विधिवत् आरंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरिबियन व्यापार एवं निवेश फोरम-2026 के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए डिजिटल प्लेटफार्म और वेबसाइट का रिमोट से शुभारंभ किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन देशों के साझा व्यापार-व्यवसाय पर केन्द्रित स्पेशल मैगजीन 'द बिजनेस टायकून्स' का विमोचन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत वित्त वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश का लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों को निर्यात बढ़कर 3 हज़ार 835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। इस उपलब्धि में फार्मास्यूटिकल्स क्षेत्र की विशेष भूमिका रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक उत्पाद एवं जंबो बैग, कृषि आधारित उत्पाद तथा विनिर्माण क्षेत्र प्रदेश की निर्यात क्षमता के प्रमुख आधार बनकर उभरे हैं। ब्राजील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश का व्यापारिक विनिमय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ये आंकड़े लैटिन अमेरिकी एवं कैरेबियन देशों में ‘मेड इन इंडिया’ के साथ ‘मेड इन एमपी’ उत्पादों को मिल रहे स्नेह, अपनत्व, विश्वास और दिनों-दिन बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और नेतृत्व क्षमता के बल पर मालवा को नई पहचान दिलवाई थी। उन्होंने कहा कि इंदौर प्राचीन काल में भी उन्नत व्यापार और व्यवसाय की सुगमता के कारण बड़ा व्यावसायिक केन्द्र हुआ करता था। पहले यहां सिल्क मार्ग से दुनियाभर में व्यापार होता था। भारत और लैटिन अमेरिका की परंपराओं में नजदीकियां दिखाई पड़ती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होते औद्योगिक राज्यों में से एक है। हम सच्चे अर्थों में ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को आगे बढ़ा रहे हैं, इसलिए मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति अब ‘लोकल से ग्लोबल’ हो रही है। अब हम वैश्विक मूल्य श्रृंखला का भी एक मजबूत हिस्सा बन चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस तरह लैटिन अमेरिका की प्राचीन संस्कृतियों ने मदर अर्थ (Pachamama – पचमामा) को पूजा, वैसे ही हम पंच तत्वों और प्रकृति के कण-कण को पूजते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उत्सवों का उल्लास, संगीत, अनुराग, पारिवारिक ताना-बाना और हमारी जनजातीय कलाओं की जीवंतता सबमें बड़ी समानताएं हैं। यह बताते हैं कि हमारे जीवन मूल्य और हमारे संस्कार मूलत: एक हैं, समान हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आजादी के अमृतकाल में हमारा भारत अपनी क्षमता, योग्यता और विशेषताओं के साथ दुनियाभर में व्यापार, व्यवसाय और सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए कटिबद्ध है।

    भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच सहयोग के इस महान मंच की मेजबानी का अवसर मध्यप्रदेश को मिला है। आज हम सिर्फ़ देशों को नहीं, महाद्वीपों को जोड़ने वाली दीर्घकालिक साझेदारियों की नींव रख रहे हैं। यह मंच भारत, लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के बीच नई आर्थिक साझेदारी, नई संभावनाओं और नए विश्वास का सेतु है। भारत का हरेक राज्य अपनी क्षमताओं और विशेषताओं के साथ विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की सिद्धि में तत्पर है। मध्यप्रदेश भी इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर और पीथमपुर का विशेष ज़िक्र करते हुए कहा कि ये दोनों ही क्षेत्र आज फार्मास्यूटिकल्स का ग्लोबल हब बन चुके हैं। यहां निर्मित दवाएं ब्राजील, पेरू और चिली जैसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रही हैं, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और गुणवत्ता को वैश्विक मान्यता मिल रही है। ब्राजील की औद्योगिक जरूरतों के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। पेरू के साथ इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है। हम क्यूबा के विश्व प्रसिद्ध बायोटेक एवं फार्मा अनुसंधान के साथ मिलकर चिकित्सा क्षेत्र में नए नवाचार करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं। ब्राज़ील, मेक्सिको, चिली, डोमिनिकन रिपब्लिक, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया के साथ मध्यप्रदेश का निरंतर बढ़ता व्यापार हमारे अटूट भरोसे का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फोरम के सदस्य देशों के व्यापार प्रतिनिधियों से कहा कि आप सब आजादी के अमृतकाल में मध्यप्रदेश पधारे हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश "विकसित भारत-2047" के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। संकल्प को साकार करने में वैश्विक व्यापार और रणनीतिक साझेदारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से लेकर उन्नत स्वास्थ्य सेवा, फार्मा, आईटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, हरित और स्वच्छ ऊर्जा, खनन और लॉजिस्टिक्स तक ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जहां हम मिलकर एक इतिहास रच सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें क्रेता-विक्रेता, आयातक-निर्यातक से बढ़कर साझेदार की भूमिका निभानी है। हम संयुक्त उद्यमों की स्थापना करें, उन्नत प्रौद्योगिकी का हस्तांतरण करें और परस्पर कौशल विकास तथा निवेश सहयोग को एक नई गति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग उत्पाद और मजबूत इंडस्ट्रियल पैकेजिंग (जंबो बैग्स/एफआईबीसी) हमारे निर्यात की प्रमुख रीढ़ हैं। मैक्सिको में चल रहे 'ऑटो नियरशोरिंग' के इस दौर में और ब्राज़ील की औद्योगिक आवश्यकताओं के लिए मध्यप्रदेश सबसे भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी सप्लाई चेन पार्टनर की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हमारा इंदौर आज देश के सबसे तेजी से बढ़ते आईटी और स्टार्ट-अप हब्स में से एक है। मैक्सिको के आईटी इको सिस्टम, डोमिनिकन गणराज्य के पर्यटन-टेक और इक्वाडोर के उभरते फिनटेक परिदृश्य के लिए हमारे पास कुशल और नवाचारी युवा उपलब्ध हैं, जो आपकी वैश्विक मांगों की पूर्ति करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेती-किसानी भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और आपकी भी अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, भारत का फूड बास्केट बन रहा है। कृषि से संबंधित क्षेत्रों और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में मध्यप्रदेश, देश की ताकत बन रहा है। मध्यप्रदेश, अर्जेंटीना और ग्वाटेमाला की मजबूत कृषि और खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के साथ समन्वय कर वैश्विक खाद्य सुरक्षा की दिशा में हम वृहद स्तर पर एक प्रयास कर सकते हैं। हमारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्षेत्र लैटिन-अमेरिकी-कैरेबियन देशों की आवश्यकताओं के अनुसार कस्टमाइज्ड उत्पाद और सेवाएं देने में पूरी तरह सक्षम है। मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा और खनिज संपदा में अग्रणी है। चिली और पेरू के खनिज भंडारों तथा वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों के क्षेत्र के लिए इंजीनियरिंग मशीनों की सप्लाई के लिए मध्यप्रदेश एक आदर्श और भरोसेमंद पार्टनर बन सकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विद्युत सरप्लस राज्य है। हमारी 31 हज़ार मेगावाट से अधिक की उत्पादन क्षमता है, जिसमें 30 प्रतिशत हिस्सा क्लीन एनर्जी का है। देश में सर्वाधिक हीरा, मैंगनीज और चूना पत्थर जैसी खनिज संपदा और उद्योगों के लिए आरक्षित जल हमारी औद्योगिक रीढ़ को और मज़बूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का स्टार्ट-अप इको सिस्टम देश में मिसाल है। हमारे 6 हजार से अधिक स्टार्ट-अप्स में से 45 प्रतिशत से अधिक का संचालन महिला उद्यमियों द्वारा किया जा रहा है। हम महिलाओं को हर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे महिला कार्य बल को बढ़ावा मिल रहा है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को नई दिशा देते हुए हमने 'जन विश्वास अधिनियम' लागू किया है। इसमें 108 पुराने और जटिल नियमों को पूरी तरह समाप्त या पहले से सरल कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन व्यापार एवं निवेश मंच में हो रहा मंथन दोनों क्षेत्रों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा देगा। इस मंच से निकलने वाले सार्थक सुझावों और अमृत संदेशों को राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता, क्षमता और दक्षता के साथ आत्मसात कर धरातल पर उतारेगी, जिससे मध्यप्रदेश वैश्विक व्यापार और निवेश के मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

भारत में उरुग्वे के राजदूत  एमरिला ने कहा कि 'इनक्रेडिबल इंडिया' में मध्यप्रदेश ने हमें हमेशा से आकर्षित किया है। भारत सरकार ने अपनी इच्छा शक्ति के बल पर अपने लक्ष्यों को हासिल किया है। प्रधानमंत्री  मोदी ने विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया है। उरुग्वे ने भारत के साथ अपने रिश्तों को मजबूत करते हुए व्यापार और निवेश गतिविधियों को बढ़ाया है। अब तेजी से गुड्स प्रोडेक्ट्स साउथ अमेरिका से भारत पहुंचाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो सिर्फ शुरूआत है, हमारे बीच व्यापारिक संबंधों का उत्कृष्ट परिणाम आना अभी शेष है। यह आयोजन निश्चित रूप से निवेश और व्यापार को प्रोत्साहन देगा।

प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और अपार निवेश संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन देशों के लिए व्यापार एवं निवेश की अपार संभावनाएं हैं। मध्यप्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ सबसे अधिक है। मध्यप्रदेश को 'हार्ट ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया' भी कहा जाता है। देश के मध्य में होने के कारण यहां से हवाई, रेल और सड़क परिवहन की सुगम व्यवस्था है। मध्यप्रदेश गेहूं उत्पादन में भारत में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में कुल 340 नोटिफाई इंडस्ट्रियल एरिया हैं। औद्योगिक गतिविधियों के लिए राज्य में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए कैबिनेट कमेटी गठित की है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित 18 पॉलिसी लागू की हैं। उद्योग और निवेशकों के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था भी लागू है। देश-दुनिया के निवेशकों और बड़े औद्योगिक समूहों ने मध्यप्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों पर भरोसा किया है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में हर सेक्टर में निवेश में बड़ी तेजी आयी है।

स्वागत संबोधन में ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के फाउंडर और ग्लोबल प्रेसीडेंट डॉ. जितेंद्र जोशी ने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिका केवल समुद्री तौर पर अलग हैं, लेकिन एक साझा लक्ष्य के लिए साथ मिलकर काम कर रहे हैं। भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम-2026 का मूल उद्देश्य ग्लोबल साउथ को समृद्ध करना और इसकी सम्प्रभुता को भी मजबूत बनाना है। मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश के लिए सर्वाधिक गतिशील राज्य है, जहां फार्मास्युटिकल, मैन्यूफैक्चरिंग, एग्रीकल्चर, सर्विस इंडस्ट्री, ऑटोमोबाइल पार्ट्स सहित अन्य उत्पाद भी तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी विजन से ही मध्यप्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 और रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव सहित आज हो रहा यह आयोजन संभव हुए हैं। उन्होंने बताया कि आज भारत-लैटिन अमेरिका एवं कैरेबियन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम में 15 देशों के व्यापार प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।

इस अवसर पर भारत में उरुग्वे के राजदूत  अल्बर्टो एंटोनियो गुआने एमरिला, पेरू के राजदूत  जेवियर मैनुअल पॉलिंच वेलाद्रे, पनामा रिपब्लिक के राजदूत  अलोंसो कोरिया मिगुएल, अल-सल्वाडोर के राजदूत  गुइलेर्मो रुबियो फुनेस, क्यूबा के राजदूत  जुआन कार्लोस मार्सन एगुइलेरा, ग्वाटेमाला के राजदूत  उमर लिसैंड्रो कास्टानेडा सोलारेस, गुयाना के हाई कमिश्नर (उच्चायुक्त)  धरमकुमार सीराज, इक्वाडोर के राजदूत   थियोडोरो माल्डोनाडो, मुंबई स्थित दूतावास में मेक्सिको के महावाणिज्य दूत  एडोल्फो गार्सिया एस्ट्राडा, जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद  शंकर लालवानी सहित प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन  राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक, म.प्र. औद्योगिक विकास निगम  चंद्रमौली शुक्ला, अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में निवेशक, बिजनेस टायकून्स, उद्योगपति, फोरम के सदस्य एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

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