रायपुर छत्तीसगढ़ में पिछले दस दिनों से अटका हुआ मानसून अब पूरी तरह एक्टिव हो गया है और 30 जून तक यह पूरे प्रदेश में पहुंच चुका है। आज से पूरे राज्य में अच्छी बारिश की स्थिति बनेगी, जिसके चलते अगले एक सप्ताह तक कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया है। पिछले 24 घंटे में सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश हुई, जबकि बाकी इलाकों में हल्की बौछारें दर्ज की गईं। आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून तक राज्य में सामान्य तौर पर 188 मिमी (7.4 इंच) बारिश हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 66.2 मिमी (2.5 इंच) ही दर्ज की गई है। यानी इस बार सामान्य से 121.8 मिमी (4.7 इंच) कम पानी बरसा है, जो कि करीब 65फीसदी की कमी है। हालांकि राहत की बात यही है कि मानसून के पूरे प्रदेश में पहुंचने से अब इस कमी की भरपाई होने की उ मीद है।
रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा से लगे जिलों में अच्छी बारिश की संभावना : मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट इमेज के अनुसार मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर घने बादलों का बड़ा गुच्छा बना हुआ है। इसका असर रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा और आसपास के जिलों में दिख सकता है। रायपुर के आस-पास भी घने बादलों की लंबी लाइन बनी हुई है।। यहां अगले कुछ घंटों में बारिश या गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। बस्तर संभाग के ऊपर भी बादल सक्रिय हैं। हालांकि सबसे घने बादल मध्य और उत्तर की ओर दिखाई दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम से भी नमी वाले बादल लगातार प्रदेश की ओर बढ़ रहे हैं। इससे बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है।
कहीं-कहीं मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। रायपुर का मौसम मौसम विभाग के अनुसार आज (1 जुलाई) को रायपुर में दिनभर बादल छाए रहेंगे। बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बना है नया सिस्टम मौसम विभाग के मुताबिक समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका (ट्रफ) सक्रिय है। वहीं उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है, जिससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। खेती को राहत के आसार जुलाई की शुरुआत में मानसून की यह सक्रियता किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रही है। जून में बारिश कम होने के कारण कई जिलों में खरीफ फसलों की बुआई पिछड़ गई थी। कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. जी.के. दास के मुताबिक, अब अच्छी बारिश से खेतों में जरूरी नमी आएगी, जिससे धान की बुआई और रोपाई के काम में तेजी आएगी।
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