नर्मदापुरम
जिले के सिवनी मालवा में बहुचर्चित गौ तस्करी और मॉब लिंचिंग मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने के बाद महिला जज को मिल रही धमकियों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इस मामले को न्यायिक स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए स्वत: संज्ञान लिया है।
जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को केवल इसलिए धमकाया नहीं जा सकता कि उसका फैसला समाज के किसी वर्ग को पसंद नहीं आया। कोर्ट ने इसे न्यायिक व्यवस्था पर सीधा दबाव बनाने की कोशिश माना है।
युगलपीठ ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) से तीन दिन के भीतर हलफनामा प्रस्तुत करने को कहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सिवनी मालवा में पदस्थ न्यायाधीश तबस्सुम खान को सुरक्षा प्रदान कर दी गई है।
6 पुलिस कर्मी किए गए तैनात
हाइकोर्ट के निर्देश के बाद महिला जज की सुरक्षा के लिए 6 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीएसओ भी विभाग ने दिया है। साथ ही सिवनीमालवा एसडीओपी व टीआई सहित एएसपी भी लगातार संपर्क में हैं।
हाईकोर्ट ने धमकी देने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है। मामले की अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी।
जज की सुरक्षा के लिए 6 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। एक पीसीओ दिया गया है और एसडीओपी, टीआई सिवनी मालवा सहित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लगातार संपर्क में हैं।- साईं कृष्ण एस थोटा, एसपी, नर्मदापुरम
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