राजनांदगांव/ उपरवाह , कृषि विज्ञान केंद्र प्रांगण बालोद में मंगलवार को बैठक हुई। इसमें चार कृषि विज्ञान केंद्र राजनांदगांव, दुर्ग, बेमेतरा व बालोद के समस्त प्रमुख वैज्ञानिक, कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक, कृषि विभाग बालोद के उपसंचालक कृषि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी साथ ही साथ सभी चारों जिलों के उन्नत व प्रगतिशील किसान उपस्थित हुए।
कृषि के क्षेत्र में उन्नति और किसानों की समृद्धि के लिए वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार करने के लिए डॉ. एसएस टूटेजा, निदेशक विस्तार सेवाएं, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के मार्गदर्शन व नेतृत्व में हुई बैठक में सर्वप्रथम कृषि विज्ञान केंद्र बेमेतरा के प्रमुख वैज्ञानिक तोषण ठाकुर ने गतिविधियों व आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। इसमें मुख्य तौर पर औषधीय व सुगंध वाले पौधे जैसे तुलसी, लेमन ग्रास, पाल्मा रोजा ग्रास की खेती व सोयाबीन फसल के घटते रकबे को बढ़ाकर पर्यावरण सहिष्णु किस्मों पर चर्चा की गई।
सुगंधित धान फसल के उत्पादन को बढ़ाने की योजना बनाई: कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. केआर साहू ने कार्ययोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। इसमें सुगंधित धान फसल के उत्पादन को बढ़ाने संबंधित योजना बनाई गई। कृषि विज्ञान केंद्र दुर्ग के वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख डॉ. विजय जैन ने दुर्ग में विभिन्न फल, सब्जी, फूलों की खेती पर चर्चा कर लहसुन, खरीफ प्याज तथा गुलाब की खेती की जानकारी प्रदान की।
रायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भारत सरकार के…
गलत धान बीज से किसानों की लाखों की फसल चौपट, फर्म संचालक पर कार्रवाई की…
नई दिल्ली/रायपुर. छत्तीसगढ़ के शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से चैतन्य बघेल को बड़ी…
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में दी…
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने श्योपुर एवं सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के संचालन की वृहद समीक्षा की…
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया…