जिले के धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र में रविवार की सुबह खेत मे नर हाथी का शव मिलने से वन महकमें से लेकर ग्रामीण अंचल में हड़कंप मच गया है। मृत हाथी की सूचना गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई, जिससे मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। वन महकमा प्रथम दृष्टया करंट से हाथी की मौत होने की आशंका जताई जा रही है।

वन विभाग के अनुसार धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र मेंढरमार कालोनी में कुछ दिनों से हाथियों की आवागमन कुछ ज्यादा ही बढ़ गया था। इस बीच लगातार आदिवासी किसानों के खेतों में लगे धान की फसल को पैरों तले रौंदकर नुकसान किया जा रहा था। ग्रामीण जन जनहानि एवं फसलों के क्षति से परेशान नजर आ रहे थे। इस बीच रविवार सुबह मेंढरमार के किसान अपने अपने दिनचर्या में लगे हुए थे।

खेत खलिहान की सुरक्षा व उसका जायजा लेने जुट गए थे तभी उन्हें देव सिंह राठिया के खेत मे संदिग्ध परिस्थितियों एक नर हाथी मृत अवस्था मे नजर आया। जिसे देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वे बदहवास हालत में गांव आए और अन्य किसानों को इसकी सूचना दिए। ततपश्चात सरपंच के माध्यम से वन विभाग के अधिकारियों सूचित किया गया।

जब तक वन अमला मौके पर आता तब तक मिडिल मार्च में आसपास के आधा-दर्जन गांव के सैकड़ो ग्रामीण जन मौके पर उमड़ गए। ततपश्चात वन विभाग की टीम मौके पर आई और जांच पड़ताल में जुट गई। ग्रामीण जन व वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों के मुताबिक प्रथम दृष्टया करेंट से नर हाथी की मौत होने की आशंका जताए है। बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हाथी के मौत के कारणों का पता चल सकेगा।

फिलहाल वन विभाग की टीम मौके की नजाकत को देखते हुए क्षेत्र को प्रतिबंधित कर दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है। इधर दूसरी ओर हाथी की मौत के बाद कानूनी पचड़े में फंसने का भय समूचे गांव व उक्त भूमि धारी किसान देव सिंह राठिया के परिवार में बना हुआ है।

धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र वनमंडलाधिकारी अभिषेक जोगावत ने कहा कि किसान देव सिंह राठिया के खेत मे नर हाथी का शव मिला है। प्रथम दृष्टया करेंट की चपेट में आने की संभावना हैं रायगढ़ से टीम आई हैं। इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को बताया गया है, कानूनी कार्रवाई व अन्य प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है।

By kgnews

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