गोरखपुर के रामपुर गोपालपुर गांव में परमा देवी (70) ने शुक्रवार रात करीब नौ बजे खुद को आग लगा ली। गांववालों ने आग बुझाई और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। शनिवार सुबह उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि परमा देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। रात में किसी बात पर पति से कहासुनी होने के बाद उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। वह घर पर पति के साथ रहती थीं, जबकि दोनों बेटे परिवार के साथ बाहर रहते हैं। जानकारी के मुताबिक, गुलरिहा थाना क्षेत्र के रामपुर गोपालपुर गांव की अनुसूचित जाति बस्ती टोला निवासी हंसराज अपनी पत्नी परमा देवी के साथ रहते थे। उनके दो पुत्र हैं। बड़ा बेटा मुंबई में रहता है और छोटा खलीलाबाद में रहकर बैंक में नौकरी करता है। ग्रामीणों के अनुसार, पति-पत्नी में अक्सर झगड़ा होता था। शुक्रवार को भी किसी बात पर दोनों में कहासुनी हुई थी। 

हंसराज जब सोने चले गए तो परमा देवी ने रात नौ बजे घर में रखा डीजल अपने ऊपर डालकर आग लगा ली। पत्नी को जलता देख हंसराज ने शोर मचाया तो आसपास के लोग पहुंचे और आग बुझाई, लेकिन तब तक परमा बुरी तरह से झुलस चुकी थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परमा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई। मानसिक स्थिति ठीक न होने से गांव में कर लेती थीं विवादगांव वालों के मुताबिक, परमा देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। घर में अकेले पति के साथ रहती थीं और अक्सर गांव वालों से भी झगड़ा कर लेती थीं। इस वजह से गांव वाले भी उनसे दूरी बनाकर रहते थे। शुक्रवार रात शोर सुनकर थोड़ी दूर पर मौजूद घर के लोग पहुंचे और गांववालों को बुलाए। आग को बुझाने के साथ ही पुलिस को सूचना दी गई।

महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। दोनों बेटे परिवार के साथ बाहर रहते हैं। वह बीमारी से भी परेशान थीं। इस वजह से उन्होंने खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

By kgnews

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