दूसरे बायपास निर्माण का अपना वादा कागजों में सिमट कर रह गया O दक्षिणी छोर में शहर का दूसरा बायपास बनाने का वादा सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गया. राजनांदगाँव मतदाता जागरूकता अभियान “जागो मतदाता जागो” अभियान के तहत हिन्दू युवा मंच जिला इकाई नें राजनांदगाँव शहर के दक्षिणी छोर में एक और बायपास निर्माण करने के झूठे वादे को लेकर डॉ. रमन सिंह पर तंज कसा है। यातायात के लगातार बढ़ते दबाव को कम करने, शहर के दक्षिणी छोर में, चिखली के बाद और गठला के पहले एक छोर से पेण्ड्री को और दूसरे छोर से पार्री नाला को जोड़ने के लिये एक और बायपास बनाने का वादा तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह नें की थी। किन्तु पंद्रह साल छत्तीसगढ़ में शासन करने के बावज़ूद बायपास का निर्माण तो दूर एक ढ़ेला भी नही रखा जा सका। उक्ताशय की जानकारी देते हुए हिन्दू युवा मंच के जिलाध्यक्ष किशोर माहेश्वरी नें बताया कि, अपने पंद्रह साल की सत्ता में रहने के दौरान तत्कालीन विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह नें कई सारी धोषणाएँ की और वादे भी पूरे नही किये उनमें से ही एक वादा यह भी था जिसमें उन्होंने राजनांदगाँव के नागरिकों को सब्जबाग दिखाते हुए शहर के दक्षिणी छोर में एक और बायपास का निर्माण करने की बात कही थी। बायपास के निर्माण और दोनों बायपासों के आपस में जुड़ जानें से यातायात का दबाव निश्चित तौर पर कम होता जिससे भारी वाहन चालकों को भी काफी राहत मिलती और यातायात भी सुगम होता। साथ ही शहर की सघन बस्तियों का बढ़ता घनत्व और दबाव कम होता और शहरी क्षेत्रफल भी विस्तृत होता। लेकिन विकास के इस रास्ते पर ईच्छाशक्ति की कमी के चलते बायपास पर ग्रहण जो ग्रहण लगा था वो ग्रहण आज पर्यन्त नही हटा है, और बदस्तूर जारी है। राजनांदगाँव पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का गृह जिला और विधानसभा क्षेत्र होने के कारण एक आस थी कि, इसका विकास द्रुत गति से होगा लेकिन, उम्मीद के मुताबिक विकास न हो सका। डॉ. रमन नें एक विधायक के दायित्व से तो शहर का विकास किया किन्तु एक मुख्यमंत्री का ओहदा रखने के बावज़ूद जनकांक्षाओं के अनुरूप क्षेत्र का विकास न कर सकें।
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