कोरोना टीकाकरण को लेकर तमाम तरह की अफवाह के बीच अब कर्मचारियों का वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर डर कम हो गया है। इसी वजह से पहले दिन 60 प्रतिशत ने वैक्सीन लगवाई थी, अब यह आंकड़ा बढ़कर 97 प्रतिशत पहुंच गया है।
सीएमएचओ डा. प्रमोद महाजन ने बताया 16 जनवरी से कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत जिले के छह सेंटरों में की गई थी। पहले दिन 600 स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाने का लक्ष्य था। लेकिन वैक्सीन के संबंध में फैले भ्रम के कारण सिर्फ 359 लोगों ने ही टीका लगावाया। दूसरी बार 18 जनवरी को 580 का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से 326 ने वैक्सीन लगाई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के आगे आने का असर दिया। तीसरी बार 20 जनवरी को 488 का लक्ष्य रखा गया। इसमें 411 लोगों ने टीका लगवाया। यह 84 प्रतिशत था। चौथी बार 73 प्रतिशत रहा। इसी तरह हर दिन वैक्सीनेशन का प्रतिशत बढ़ता गया। वहीं शनिवार को 350 का लक्ष्य रखा गया। इसमें से 340 स्वास्थ्य कर्मियों ने वैक्सीनेशन करवाई। इसके बाद जिले में वैक्सीन लगवाने वालों का प्रतिशत बढ़कर 97 हो गया। धीरे-धीरे कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर भ्रम दूर हो रहा है।
10 दिन में पहले चरण का वैक्सीनेशन होगा पूरा
जिला टीकाकरण अधिकारी डा. मनोज सैंमुअल ने बताया अब तक वैक्सीनेश के दौरान किसी भी स्वास्थ्य कर्मी में साइड इफेक्ट नहीं दिखा है। टीका लगने के बाद उस जगह में हल्की दर्द और बुखार आता है। शासन ने पहले चरण के टीकाकरण को 10 दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए मंगलवार के बाद वैक्सीनेशन सेंटर बढ़ाए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण के लिए 22 हजार 320 डोज वैक्सीन पहंुच चुकी है।
4103 स्वास्थ्य कर्मचारियों को लग चुका है टीका
विभागीय आंकड़ांे के मुताबिक अब तक 4103 कर्मचारियों को वैक्सीन लग चुकी है। वहीं, सोमवार को वैक्सीनेशन का 10वां दिन है। केंद्र में 400 कर्मचारियों को वैक्सीन लगवाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य कर्मियों में वैक्सीनेशन को लेकर डर खत्म हो गया है। जल्द ही पहले चरण का टीकाकरण पूरा हो जाएगा। इसके बाद दूसरा डोज भी लगना शुरू हो जाएगा।
