दुर्ग निगम क्षेत्र में अमृत मिशन योजना के तहत पाइप लाइन बिछाने कई स्थानों पर सड़कों की खोदाई की गई है। खोदी गई सड़कों की मरम्मत के नाम पर ठेका कंपनी ने खानापूर्ति की है। कुछ इलाके ऐसे हैं, जहां नई सड़कों की खोदाई कर दी गई है। यह जनता के पैसों की बर्बादी है। इस मामले को लेकर मोदी आर्मी न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने जा रही है।
मोदी आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष वरुण जोशी का कहना है कि दुर्ग शहर में अमृत मिशन योजना का काम पूरा करने की तिथि को आगे बढ़ा दी गई है। लेकिन इसके बाद भी ठेका कंपनी जल्द से जल्द काम पूरा करने के चक्कर में लापरवाही बरत रही है। मोदी आर्मी का कहना है कि शहर के जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाने पूर्व में खोदाई की गई थी, उन क्षेत्रों में अब ठेका कंपनी के लोग कुछ इलाके को बचा होना बताकर फिर से खोदाई कर रहे हैं।पहले खोदाई के दौरान क्षेत्र की जनता आवागमन को लेकर हलाकान थी और अब दोबारा खोदाई से फिर वही स्थिति निर्मित होने जा रही है। वहीं, पाइन पाइप लाइन बिछाने के कई क्षेत्रों में सड़कों की ही खोदाई की गई है तो अधिकांश इलाकों में सड़क किनारे। खोदाई की गई सड़कों पर हुए गड्ढों को भरने का काम ठेका कंपनी का है। कंपनी द्वारा गड्ढों को भरने के नाम पर खानापूर्ति की गई है। कई स्थानों पर गड्डें अभी भी नजर आ रहे है।
बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भरने से आवागमन को लेकर दिक्कत भी होगी। निगम के अधिकारी कर्मचारियों का भी इस ओर ध्यान नहीं है। खोदे गए गड्ढों को सही ढंग से मरम्मत कराए जाने की मांग को लेकर मोदी आर्मी के सदस्य निगम प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके हैं।
ऐसे में अब मोदी आर्मी को न्यायालय का ही सहारा लेना पड़ेगा। मोदी आर्मी का कहना है कि इस मामले को लेकर संगठन जनहित याचिका दायर करेगा। जिसमें खोदे गए सड़कों का समतलीकरण सहित पाइप लाइन विस्तार को लेकर ठेका कंपनी व निगम अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही के संबंध में कार्रवाई की मांग भी की जाएगी।
अभी भी चल रही है खोदाई
शहर के संतराबाड़ी, पोलसाय पारा, जीई रोड क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने ठेका कंपनी द्वारा कई स्थानों पर अभी भी खोदाई कराई जा रही है। जबकि इन इलाकों में पाइपलाइन विस्तार के नाम पर पहले भी सड़कों की खोदाई हो चुकी है और मरम्मत भी किया जा चुका है। वहीं, योजना के तहत नई पानी टंकी निर्माण का काम अभी भी अधूरा है। पिछले दिनों आयुक्त ने बैठक लेकर पानी टंकियों का निर्माण जल्द से जल्द करने ठेका कंपनी को निर्देशित किया था।
