राजधानी के आंबेडकर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए आने वाले लोगों से अवैध वसूली की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री, चिकित्सा शिक्षा विभाग समेत प्रबंधन से की गई है। मामले को लेकर मेडिकल कालेज के डीन ने जांच समिति गठित कर पांच फरवरी तक चिकित्सक से जवाब मांगा है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश के सबसे बड़े डा. भीमराव आंबेडकर अस्पताल में हर दिन 10 से 15 शव का पोस्टपार्टम किया जाता है। यहां लंबे समय से पोस्टमार्टम के लिए आने वाले लोगों से मर्च्यूरी के कर्मचारियोें द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही थी।
इसकी शिकायत बार-बार प्रबंधन से की जाती रही। लेकिन इसे लेकर अधीक्षक डा. विनीत जैन और डीन डा. विष्णुदत्त ने गंभीरता नहीं दिखाई। इसके बाद शिकायतकर्ता द्वारा स्वास्थ्य मंत्री, डीएमई और संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लेकर प. जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कालेज के डीन डा. विष्णुदत्त ने जांच समिति गठित की है। इसमें फोरेंसिक विभाग के चिकित्सक डा. एसएन मांझी से पत्र लिखकर जवाब मांगा गया है। वहीं पांच फरवरी को सुबह 11 बजे सर्जरी विभाग में उपस्थित होने को कहा गया है।
बता दें कि पीएम के लिए आने वाले लोगों के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा कफन भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है। ऐसे में उन्हें बाहर से खरीदकर लाना पड़ रहा है। इधर पैसे वसूली से भी यहां आने वाले पीड़ित तंग आ चुके हैं।
