DJL¸FWFQmU §FFM £FF÷Y³F ³FQe ¸FmYa d¸F»F³Fm UF»Fm ³FF»Fm IYF ´FF³Fe CÀFm ³FQe ´FS AF¦Fm dIY¹FF þF SWF W`

गर्मी में राजधानीवासियों को शुद्ध पानी पिलाने के लिए निगम आयुक्त सौरभ कुमार ने निर्देश दिए हैं। शहर का गंदा पानी नाले से होकर खारुन नदी में जा रहा है, जिसे रोकना निगम के सामने बड़ी चुनौती है।

निगम अमला अभी तक इस पानी को खारुन में जाने से नहीं रोक पा रहा है। मालूम हो कि खारुन नदी में आ रहे गंदे पानी को ट्रीटमेंट करने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है, जो गर्मी तक पूरा नहीं हो पाएगा। इसलिए गर्मी में निगम के कर्मचारियों को राजधानीवासियों को शुद्ध पानी पिलाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी।

जबकि निगम आयुक्त ने अमृत मिशन के अधिकारी को एनीकट के पास नाले और सीवरेज का पानी न मिलने पाए इसके लिए निर्देशित किया है। इसके साथ हा आयुक्त ने सार्वजनिक नलों में स्थाई टोटी लगाने और टैंकर की संख्या कम करने के लिए तत्काल प्रभाव से पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा करने पर जोर दिया है।Playvolume00:00/00:00Truvid

ज्ञात हो कि रायपुर नगर निगम अंतर्गत खारुन नदी से एक दिन में कुल 277 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। फिल्टर प्लांट से पानी को शुद्ध कर शहर के 38 पानी की टंकियों में पानी छोड़ने का काम किया जाता है।

राजधानी के कई ऐसे इलाके जैसे श्याम नगर, शिवानंद नगर, श्रीनंगर, कबीर नगर जैसे आदि इलाकों में पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। निगम प्रशासन एक दिन में 460 पानी के टैंकरों से पानी की सप्लाई करता है। आयुक्तने निगम के अधिकारियों को आगामी गर्मी में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए निर्देशित किया है।

ट्रीटमेंट प्लांट शुरू होने में लगेंगे छह माह

शहर के नालों का पानी खारुन नदी में गिराने से पहले उसका शुद्धिकरण किया जाएगा। निगम द्वारा छह करोड़ रुपये की लागत से भाठागांव एनीकट के निकट इंटकवेल के पास करीब दो एकड़ में प्लांट बनाने का काम किया जा रहा है। इस प्लांट में संतोषी नगर, चौरसिया कालोनी, संजय नगर, टिकरापारा, लक्ष्मी नगर के छोटे नाले, जो मठपुरैना से गुजरने वाले नाले के जरिये निकलने वाले करीब प्रत्येक दिन में 60 लाख लीटर पानी का शुद्धिकरण कर उसे नदी में छोड़ना है।

इस प्लांट के लगने से काफी हद तक खारुन का पानी गंदा नहीं होगा। प्लांट का काम पिछले कई सालों से चल रहा है, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। निगम के अधिकारी का कहना है कि प्लांट शुरू होने में अभी छह माह से अधिक समय लगेगा।

आयुक्त ने दिए निर्देश

– गर्मी में पं. रविशंकर शुक्ल जलाशय गंगरेल बांध से अशुद्ध जल का आवश्यकतानुसार निरंतर जल बहाव होता रहे।

– नाले इत्यादि का सीवरेज एनीकट के जल भंडारण में न मिलने पाए।

– सार्वजनिक नलांे में स्थाई वेल्डेड टोटियों की स्थापना।

– जोन में पेयजल स्रोतों का नियमित परीक्षण।

– हर वार्ड में कम से कम 10 बार रेंडम सैपल्स का जल परीक्षण करना।

– अमृत मिशन के पूर्णता प्राप्त कर चुके कार्यों से पेयजल प्रदाय प्रारंभ हो।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *