नगर निगम के अभियान ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ के तहत वार्ड क्रमांक 21 शहीद भगत सिंह वार्ड में मंगलवार को सुबह ग्यारह बजे से दो बजे तक शिविर लगाया गया। शिविर में पहुंचे लोग जहां स्वास्थ्य कार्ड से लेकर घरों में नल कनेक्शन लगवाने के लिए काउंटरों पर भटक रहे थे, वहीं वार्ड 21 में रह रहे वार्डवासियों की सबसे अधिक परेशानी स्वास्थ्य कार्ड के बाद पानी को लेकर अधिक रही। इससे लोग सुबह 10 बजे से ही नल कनेक्शन के आवेदन को लेकर पहुंच गए थे। हालांकि लोगों के आवेदनों को काउंटर पर जमा किया गया। साथ ही उन्हें जोन क्रमांक आठ में एक हफ्ते के बाद संपर्क करने को कहा गया। वहीं दूसरी तरफ वार्ड में पसरी गंदगी की परेशानी झेल रहे लोगों ने भी महापौर से शिकायत की।
कई काउंटर पर अधिकारी दिखे
शिविर में लोग अपनी समस्या लेकर तो जरूर पहुंच गए थे,लेकिन आधार कार्ड, राशन कार्ड से लेकर आवास के काउंटर पर अधिकारी काफी समय तक नदारद दिखे। ऐसे में समस्या लेकर पहुंच रहे लोगों को काफी इंतजार के साथ भटकना पड़ रहा था। कई लोग तो यह भी कहते दिखे मौके पर अधिकारी कुछ देर के लिए आते हैं, फिर कहीं चले जाते हं,ै पता नहीं। ऐसे में क्या समस्या का निवारण होगा?
बड़ी उम्मीद से बेटे को लेकर पहुंचे
वहीं इस भीड़ में हीरापुर रहवासी राजेंद्र सिंह का परिवार अपने ग्यारह वर्ष के बेटे ऋ षि कुमार सिंह का लेकर पहुंचे थे। बच्चे को कम दिखाई देता है और वह सही तरह से बोल भी नहीं पाता है। उसके उपचार और पहचान के लिए आधार कार्ड बनवाना जरूरी था। बच्चा 11 वर्ष की उम्र में पहुंच गया, लेकिन अभी तक उसका आधार कार्ड नहीं बन पाया था। मां (निर्मला सिंह) शिविर में बड़ी उम्मीद के साथ बेटे को लेकर पहुंची थीं, लेकिन शिविर में लगे काउंटरों पर लोगों की भीड़ और समस्या इतनी अधिक थी कि इनकी तरफ कोई सुनने वाला नहीं था।
परिवार की स्थिति बहुत ठीक नहीं
नईदुनिया के रिपोर्टर की नजर इस परिवार पर पड़ी। ऋ षि कुमार सिंह की मां ने बताया कि परिवार की स्थिति बहुत ठीक नहीं है। बेटे का इलाज स्वास्थ्य कार्ड से करवाना है। आधार कार्ड नहीं बनने से स्कूल में दाखिला भी नहीं हो पाया। इसके बगैर स्वास्थ्य कार्ड भी नहीं बनेगा। वहीं स्वजनों की समस्या से महापौर को अवगत कराया गया। इसके बाद तुरंत महापौर एजाज ढेबर ने इस मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारी को आधार कार्ड बनाने के लिए कहा। ऋ षि कुमार सिंह की मां ने आभार जताते हुए कहा कि शिविर में आखिरकार नईदुनिया के सहयोग ऋ षि को पहचान के रूप में आधार कार्ड मिल गया ।
प्रमुख समस्याएं
-वार्ड में पसरी गंदगी की सफाई नहीं।
-नाली-जाम की समस्या ।
-नल कनेक्शन, मजदूर कार्ड की शिकायतें अधिक।
-स्थानीय लोग सकरी गलियों से तंग।
-वार्ड में सामुदायिक केंद्र नहीं।
तत्काल निराकरण
-शिविर में कुल 302 आवेदन आए।
-स्वास्थ्य बीमा योजना 61 तत्काल निराकरण
-नए राशन कार्ड 20
-नए मजदूर कार्ड 37
-लाइट कनेक्शन दो
-पीएम स्वनिधि 18
-वेंडर कार्ड 10
वार्ड क्रमांक 21- शहीद भगत सिंहः इसमें हीरापुर, छुइया तालाब, रोहनी नगर, छोटा अशोक नगर आदि बड़े इलाके शामिल हैं।
वार्ड के लोगों से बातचीत
स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए शिविर में सुबह से आई थी, लेकिन घंटों बाद जब नंबर आया तो अधिकारी बोले कि राशन कार्ड के बगैर नहीं बन पाएगा।
– निर्मला सिंह, वार्ड रहवासी
नल कनेक्शन नहीं है
घर में नल कनेक्शन लगवाने के लिए शिविर में आवेदन करने पहुंची हूं। काफी देर बार आवेदन तो स्वीकार कर लिया गया। अब कनेक्शन कब लगेगा, पता नहीं होगा।
– सुधा सिंह, वार्ड रहवासी
स्वास्थ्य कार्ड नहीं बन पाया
स्वास्थ्य कार्ड बनाने के लिए काउंटर के चक्कर लगा रही हूं, लेकिन काउंटर पर भीड़ अधिक होने की वजह से कार्ड तैयार नहीं हो पाया।
– बेबी सिंह, वार्ड रहवासी
वार्ड के किसी भी गली-मुहल्ले में चले जाएं, हर तरफ गंदगी फैली है। कई बार पार्षद से शिकायत भी की गई, लेकिन स्थिति जस की तस है।
– रूबी सिंह, वार्ड रहवासी
शिविर में मकान के लिए आवेदन करने आया था, लेकिन यहां से जानकारी दी गई कि तहसील से लिखवा कर आना होगा।
– चंदप्रकाश साहू, वार्ड रहवासी
गरीबी रेखा के नीचे वाले मकान की जानकारी लेने आया था। यहां इसके बारे में कोई जानकारी बताने वाला नहीं मिला।
