अंबागढ़ चौकीविकासखंड के रेंगाकठेरा, विचारपुर व आमाटोला धान खरीदी केन्द्र में मंगलवार से धान खरीदी बंद हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो इस तीनों सोसाइटी के अंतर्गत आने वाले तीन दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों को अपना उपज बेचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। रेंगाकठेरा, विचारपुर व आमाटोला खरीदी केन्द्र में डेढ़ माह से धान का उठाव व परिवहन नहीं होने से यह तीनों केन्द्रों में पूरी जगह में धान डंप है। केन्द्र में धान रखने को जगह नहीं होने से सोमवार को अवकाश होने के कारण मंगलवार से इन केन्द्र में धान खरीदी बंद हो सकती है।रेंगाकठेरा सोसाइटी से मिली जानकारी के अनुसार पिछले डेढ़ माह में इस केन्द्र में 457 किसानों से पांच करोड़ तीस लाख 72 हजार से अधिक की धान खरीदी की जा चुकी है। रेंगाकठेरा धान केन्द्र के प्रभारी रूपेश त्रिपुरे ने बताया कि सोसाइटी में 25 हजार 126 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। उन्होंने बताया की केन्द्र में एक करोड़ 49 लाख 15 हजार लिंकिंग में धान खरीदी की गई है। खरीदी पिछले डेढ़ माह से निरंतर जारी है। लेकिन अब तक इस सीजन में एक बार भी सोसाइटी से धान का उठाव नहीं हुआ है।उठाव के लिए मौखिक व लिखित में सूचना दी गई है यदि केन्द्र से धान का उठाव नहीं हुआ तो खरीदी जारी रखने में समस्याएं आ सकती है। यदि खरीदी की गई तो धान को रखने की समस्याएं आएगी। ऐसे में उन्हें मजबूरी में खरीदी बंद करनी पड़ सकती है। प्रभारी ने बताया कि विभाग के उच्चाधिकारियों के अलावा प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से धान का उठाव के लिए मौखिक व लिखित में सूचना दी है लेकिन धान का उठाव नहीं होने से समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विचारपुर सोसाइटी के प्रभारी राकेश आदे ने बताया कि उनके केन्द्र में पिछले डेढ़ माह में 23 हजार 330 क्विटंल धान खरीदी की जा चुकी है।उठाव नहीं होने से खरीदी को लेकर समस्याएं आ रही है जिला सहकारी केन्द्रीय मर्यादित बैंक अंबागढ़ चौकी प्रबंधक संतोश कुमार शर्मा ने कहा कि धान का प्रापर्ली उठाव के लिए शीर्ष अधिकारियों को मौखिक व लिखित में सूचना दी गई है। केन्द्रों से धान का उठाव नहीं होने से ब्लाक के कई केंद्रों में खरीदी को लेकर समस्याएं आ रही है।खरीदी बंद हुई तो किसानों को होगी अधिक परेशानी रेंगाकठेरा, विचारपुर व आमाटोला सोसायटी में यदि मंगलवार को खरीदी बंद हुई तो इन तीनों सोसाइटी के अंतर्गत आने 17 सौ से अधिक किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। रेंगाकठेरा सोसाइटी में कुल किसानांे की संख्या साढ़े आठ सौ के लगभग है। खरीदी शुरू होने के डेढ़ माह में अब तक इस सोसाइटी के आधे किसान ही अपना उपज बेच पाए हैं। यदि मंगलवार से पहले इस केन्द्र से धान का उठाव नहीं हुआ तो इस सोसाइटी के आधे किसानों को अपना उपज बेचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।चिल्हाटी सोसाइटी में भी आ रही है मुश्किलें छग-महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित चिल्हाटी सोसाइटी में भी धान का उठाव नहीं होने से केन्द्र को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। चिल्हाटी धान खरीदी केन्द्र के प्रभारी योगेश त्रिपुरे ने बताया कि उनके यहां केवल एक बार मात्र 4180 क्विंटल धान का उठाव हुआ है। उसके बाद फिर धान का उठाव ही नहीं हो रहा है। इससे केन्द्र में धान रखने व खरीदी जारी रखने को लेकर समस्याएं आ रही है। चिल्हाटी में अब तक 26 हजार 393 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। अब तक इस केन्द्र में मात्र 519 किसान ही धान बेच पाए है।
