दुर्ग गुरु बाबा घासीदास की आज जयंती है. इस अवसर पर दुर्ग शहर में सतनामी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई. जिसमें पूर्व विधायक व वरिष्ठ कांग्रेस नेता अरुण वोरा शामिल हुए.
गुरु घासीदास एक श्रद्धेय व्यक्तित्व थे , जिन्होंने अशांत समाज में सामाजिक न्याय, समानता, सच्चाई और शांति की वकालत की और उत्पीड़ित निचली जातियों की मदद करने का प्रयास किया। परिणामस्वरूप, उन्होंने तत्कालीन क्रूर एवं दमनकारी भारतीय समाज में एक नयी जागृति पैदा की। उनके अनुयायी उन्हें ‘अवतारी पुरुष’ मानते थे।
सतनाम शब्द भारत के विभिन्न समाज में प्रचलित है। छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज मे यह शब्द अभिवादन के रूप में प्रयोग होता है। सतनामी समाज का मुख्य इष्ट गुरु, गुरुघासीदास है।

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