राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सामने क्रिटिकल केयर अस्पताल का निर्माण कार्य बारिश के समय से थमा पड़ा था। अब जाकर इसके निर्माण में तेजी आई है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन सीजीएमएससी ढाई करोड़ की लागत से इसका निर्माण कार्य डेढ़ साल में पूरा करेगी। जिसमें 6 माह निकल चुके हैं। अब शेष 12 महीने में इस कार्य को पूरा करना होगा। यहां गंभीर मरीजों के लिए 50 बेड की आसीईयू सुविधा रहेगी। एमसीएच में आने वाले मरीजों की पहले इसी अस्पताल में जांच व इलाज होगा। एमसीएच के मेन गेट के सामने चार मंजिला इमारत बनेगी। दल्ली राजहरा की एजेंसी जैन कन्स्ट्रक्शन 50 बेड वाले क्रिटिकल केयर अस्पताल का निर्माण कर रही है। ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, फर्स्ट फ्लोर में लेबर रुम, गायनिक वार्ड, अल्ट्रा साउंड की सुविधा होगी। सेकंड फ्लोर में महिला-पुरुष मेडिसिन, सर्जिकल, ऑर्थों, आइसोलेशन वार्ड होंगे। वहीं थर्ड फ्लोर में एचडीयू एवं आईसीयू वार्ड होगा। फोर्थ फ्लोर में 2 ओटी रहेगी। गंभीर मरीजों को पहले यहां इलाज कर कंडिशन अनुसार उसे एमसीएच में भर्ती किया जाएगा। यहां 2 लिफ्ट और रैंप की सुविधा भी रहेगी। मई में इसका भूमि पूजन कर कॉलम बनाने गड्ढे खोदे गए थे। गड्ढों में बारिश का पानी भरने के कारण कुछ माह से काम बंद था। लेकिन अब निर्माण में तेजी आई है। फिलहाल मेडिकल स्टाफ का पता नहीं एमसीएच के अधीक्षक डॉ. प्रदीप बेक का कहना है कि फिलहाल क्रिटिकल केयर अस्पताल में मेडिकल स्टाफ के सेटअप की जानकारी नहीं है। एमसीएच के मौजूदा स्टाफ एवं उपलब्ध मेडिकल मशीनरी, संसाधनों से अस्पताल का संचालन किया जाएगा। नए अस्पताल के लिए नए स्टाफ की भर्ती या मशीनों की खरीदी के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। यहां 15 डॉक्टर 3 शिफ्ट में सेवा देंगे। एक डॉक्टर पर 5 बेड की जिम्मेदारी होगी। कुल 50 मरीजों की देखभाल करने 25 नर्सो, आया एवं वार्ड ब्वाय की जरूरत पड़ेगी। जबकि एमसीएच में पहले ही स्टाफ की कमी है। यहां सेटअप 182 के मुकाबले केवल 72 स्टाफ नर्सेज हैं। सैकड़ों पदों पर शासन से भर्ती होनी है। जानकारी के मुताबिक गंभीर मरीजों को पहले यहां इलाज कर कंडिशन अनुसार उसे एमसीएच में भर्ती किया जाएगा। यहां 2 लिफ्ट और रैंप की सुविधा भी रहेगी।
