भारत माला प्रोजेक्ट के तहत दुर्ग-रायपुर बाइपास का निर्माण अटका पड़ा है। यहां अर्जित भू-स्वामियों में 38 किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। 15 दिसंबर और बुधवार को राजस्व विभाग की टीम देवादा पहुंची थी लेकिन ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया। उनका कहना है कि पहले 38 किसानों को मुआवजा दिया जाए, इसके बाद ही प्रोजेक्ट का काम शुरू किया जाए। इस वजह से राजस्व विभाग और ठेकेदार को काम शुरू करने से मना कर दिया गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क की चौड़ाई 70 की जगह 75 मीटर की जा रही है। 5 मीटर अतिरिक्त चौड़ाई का मुआवजा तक निर्धारित नहीं किया गया है। 15 दिसंबर को भी राजस्व विभाग की टीम देवादा पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं का सुनकर पंचनामा बनवाया गया था। अब तक 38 खसरों का मुआवजा नहीं मिल पाया है। निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस वजह से बुधवार को गांव में पहुंचे नायब तहसीलदार और राजस्व अमले के सामने ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की और काम रुकवा दिया है। मिलेगा मुआवजा: ग्रामीण रामानंद, देवानंद, श्यामबाई, गायत्री बाई, राधाबाई, कृष्णा देवांगन, श्यामलाल व अन्य ने बताया कि चौड़ाई यदि पांच मीटर बढ़ाई जा रही है तो बकायदा उसकी प्रक्रिया होनी चाहिए। उनका विरोध है कि जब तक मुआवजा नहीं मिलेगा काम शुरू नहीं होने देंगे। एसडीएम अरुण वर्मा ने बताया कि फिलहाल मुआवजे की राशि आना शेष है। भू-अर्जन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुछ ग्रामीणों की आपत्ति है, इसी वजह से नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा गया था। ताकि ग्रामीणों के सामने ही समस्याओं का निराकरण हो सके।
