केजरीवाल को Rss का छोटा रिचार्ज बताकर फंसी काँग्रेस
आप ने दी चुनौती : केजरीवाल सरकार की तरह शिक्षा का मॉडल बनाकर दिखाए भूपेश सरकार
राजनांदगांव। आज आम आदमी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस ली गई। जिसमें प्रदेश संगठन मंत्री प्रफुल बैस, डोंगरगांव प्रभारी कुशल सिंह राजपुत, विधानसभा प्रभारी, विनय साहू , जिला सोशल मीडिया प्रभारी विनय साहू, स्टेट मीडिया कोडिनेटर संदीप सिंह उपस्थित थे। जिन्होंने कांग्रेस के ऑफिसियल ट्वीटर हेंडल से प्रदेश काँग्रेस संगठन द्वारा आम आदमी पार्टी और दिल्ली की केजरीवाल सरकार को RSS का कोटा रीचार्ज बोलकर हल्की टिप्पणी करते हुए अपने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के स्तर को दिल्ली से भी बेहतर बताते हुए बोला गया कि सरकार प्रदेश में सभी वर्गों को उम्दा शिक्षा देने के लिए 171 आत्मानंद इंग्लिश मीडियम हाई स्कूल खोलने की योजना बनाई है जिसके तहत 100 स्कूल बन चुके है और 71 में काम चल रहा है . साथ ही मुंगेली में निर्मित अपने इसी एक आत्मानंद स्कूल का तश्वीर जारी करते हुए ट्विटर हैंडल से सोशल मीडिया में उक्त बातें आम आदमी पार्टी के संदर्भ में कही गई ..
काँग्रेस संगठन के उक्त टिप्पणी के जवाब में आमआदमी पार्टी प्रदेश संगठन ने निर्णय लिया कि पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में सभी AAP पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी स्कूलों की हकीकत का आईना वीडियो अभियान चलाकर भूपेश सरकार को दिखाई जाये..जिसके तहत प्रदेश संगठन के सभी पदाधिकारी और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे प्रदेश में लगभग 300 बदहाल , खस्ताहाल स्कूल भवनों का वीडियो कैपेनिंग कर वर्तमान राज्य सरकार के साथ पिछली भाजपा और कॉग्रेस सरकार के कार्यकाल में शिक्षा के प्रति उनकी निकम्मेपन और उदासिनता की पोल खोलने का अभियान चलाया जा रहा है .

प्रदेश संगठन मंत्री प्रफुल्ल बैस और डोंगरगांव प्रभारी कुशल सिंह राजपुत ने संयुक्त बयान जारी कर कॉग्रेस – आजपा दोनों पर संयुक्त आरोप लगाते हुए बोले..कि
कॉग्रेस हमारे नेता केजरीवाल जी को आरएसएस का छोटा रिचार्ज बोल रही है .. भाजपा हमारी पार्टी को काँग्रेस की B टीम बोलती है … जिसपर AAP नेता द्वय ने कहा कि .. भाजपा – कॉग्रेस दोनों हमको सर्टिफिकेट देना बंद करें सर्टिफिकेट देने का काम जनता जनार्दन पर छोड़ दें और जनता को तय करने दें कि आम आदमी पार्टी किस जनहित और बुनियादी सरोकार की राजनीति कर रही है … हमारी पार्टी ने अपने अल्प कार्यकाल के ईमानदार प्रशासनिक व्यवस्था में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिस मिसाल को पेश किया है उसी तरह की मिसाल काँग्रेस – आजपा अविभाजित मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों को मिलाकर विगत 70 वर्षा के कार्यकाल में क्यों नहीं पेश कर सके .. ?
भूपेश सरकार शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार देने से लेकर शिक्षा कर्मियों की नियुक्ति और बेरोजगारी भता आदि सहित अपनी जन घोषणा पत्र में किये गए वादों को तो पूरी नहीं कर सकी।भूपेश सरकार अगर केजरीवाल सरकार की तरह स्कूल बनाना चाहती है तो हम उसका स्वागत करेंगे .. पर मुख्यमंत्री जी आप पहले से बने हुए प्रदेश के 55000 स्कूलों को जिसमें से कई हजारों स्कूल भवनों की स्थिति जर्जर और बदहाल है उसको हमारे आम आदमी पार्टी के दिल्ली मॉडल जैसा कब बनायेंगे .. ??
आप के नेता द्वय ने प्रदेश के खस्ताहाल स्कूल भवनों की हकीकत को दिखाने लिए पूरे प्रदेश में वीडियो अभियान चलाकर काँग्रेस और सरकार पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि आप हमेशा नयी स्कूल भवन और निर्माण को लेकर ज्यादा तत्परता दिखलाते हैं . क्योंकि नए अलॉटमेंट और निर्माण में भ्रष्टाचार का आपकी पिछली सरकारों का लम्बा फेहरिस्त रहा है .. अच्छा होता कि आप भी हमारी AAP की
शिक्षा के क्षेत्र में ईमानदार गंभीरता दिखलाये होते तो कम से कम आपके वर्तमान सरकार के आप कार्यकाल के बीतते तक इन बदहाल स्कुलों की कायाकल्प होता अवश्य दिखता..जबकि आपके कार्यकाल में ही बनी स्कूलों की स्थिति बदहाल और जर्जर है .
दोनों आप नेताओं कोमल हुपेंडी और शिवनाथ केशरवानी ने कहा कि भारत में कई दशकों से धर्म – जाति की राजनीति होती रही है लेकिन अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में जो शिक्षा क्रांति की अलख जगायी , उसका असर अब जगह – जगह होना शुरू हो गया है । अब राजनीति में शिक्षा और स्वास्थ्य की बातें होने लगी हैं । इसी का असर है कि कांग्रेस नेता और समर्थक छत्तीसगढ़ में कल से अपनी एक स्कूल की फ़ोटो सोशल मीडिया पर डालकर भूपेश बघेल की वाहवाही कर रहे हैं ।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा- छत्तीसगढ़ में लगभग 55000 से अधिक सरकारी स्कूल है जिनमें लाखों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे है लेकिन उनकी जर्जर अवस्था , व्यवस्था और शिक्षकों की उपलब्धता आज भी लगभग भगवान भरोसे ही है । आम आदमी पार्टी ने प्रदेश स्तर पर सरकार के इन दावों की सच्चाई जानने का फैसला किया है । कम से कम 300 सरकारी स्कूलों की हकीकत जानने और उसे जनता तक पहुंचाने आम आदमी पार्टी 19 तारीख से वीडियो अभियान चला रही है ।
प्रदेश में भूपेश की कांग्रेस सरकार और बीजेपी सरकार दोनो ने ही नूरा कुश्ती करते हुए कभी भी शिक्षा का स्तर सुधारने की कोशिश ही नहीं किये है । हमेशा दिखावा कर कुछ स्कूलों में कंप्यूटर लगा कर , रंग रोगन कर उदघाटन कर बड़े बड़े दावे कर जनता को मुंगेरी लाल के सपने दिखा दिए जाते है और हकीकत में कुछ भी बदलाव देखने को नहीं मिलता।कुछ महीनों बाद पता चलता है कि ये सारी खरीद फरोक्त भी घोटालों और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई .
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अब लगातार सभी सरकारी स्कूलों के दौरे कर स्कूली शिक्षा के स्तर की पोल खोल कर जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे । आम आदमी पार्टी का भूपेश सरकार से निम्न सवाल है :
1- प्रतिवर्ष के कुल बजट का कितना प्रतिशत सरकार शिक्षा पर खर्च करती है ?
2- प्रदेश में कितने अंग्रेजी मीडियम आत्मानंद स्कूल तैयार हुए हैं ?
3-55000 सरकारी स्कूलों को सरकार ने भगवान भरोसे क्यों छोड़ा
है ?
4- रमन के कार्यकाल में जो 3600 स्कूल बंद हुए , उन्हें खोलने हेतु सरकार ने क्या प्रयास किया ?
5- जिन स्कूलों को इग्लिश मीडियम स्कूलों में तब्दील किया है उन स्कूल के बच्चों को कहां शिफ्ट किया गया ?
6- सरकार ने कहा था कि जिले के सभी ब्लॉक से बच्चों को इग्लिश मीडियम में लिया जाएगा लेकिन सिर्फ 3-4 किलोमीटर के ही बच्चों का दाखिला हुआ है , क्यों ?
7.शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 979 स्कूल भवन विहीन हैं , यानी इनमें से अधिकांश स्कूल किसी झोपड़ी में , किसी बरामदे में या किसी पेड़ के नीचे लगते हैं।ये स्कूल कब बनेंगे ?
- राज्य के 18,147 स्कूलों में बाउंड्री वॉल ही नहीं है , इनकी सुध सरकार कब लेगी ?
