गणतंत्र दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित एम्स में कोविड के दौरान श्रेष्ठ योगदान देने के लिए डाक्टरों को सम्मानित किया गया। इसके पहले एम्स रायपुर के निदेशक प्रो. (डाक्टर) नितिन एम. नागरकर ने तिरंगा ध्वज फहरा कर सभी को इस दिन के लिए शुभकामनाएं और बधाई दी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 73वां गणतंत्र दिवस देशभक्ति कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया और आकर्षक प्रस्तुति दी।एम्स रायपुर निदेशक प्रो. (डाक्टर) नितिन एम. नागरकर ने संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान देश की नींव है। यही गणतंत्र दिवस का प्रतीक है। वर्ष 2012 में एम्स की स्थापना के बाद से एम्स में चिकित्सा सेवा के साथ अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित कर निरंतर श्रेष्ठ प्रदर्शन का प्रयास किया जा रहा है। कोविड-19 के दौरान भी रोगियों को श्रेष्ठ उपचार प्रदान किया गया। एम्स परिवार ने कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की भावना के साथ दो वर्ष से अधिक समय तक सेवाभाव से रोगियों और स्वजनों का भरोसा जीता है। उन्होंने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ का आह्वान किया कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार सेवाएं प्रदान करें।
प्रो. (डाक्टर) नागरकर ने आशा प्रकट की कि कोविड से उबरने के बाद देश अन्य क्षेत्रों में भी प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा। इस अवसर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीन प्रो. एसपी धनेरिया और उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता सहित चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बीनू मैथ्यू ने किया।
