नक्सल प्रभावित राज्यों में विकास के लिए वन भूमि उपयोग बदलने की दी मंजूरी

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गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2020-21 के मुताबिक जिन 14 श्रेणियों में परियोजनाओं के लिए वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति दी गई है, उनमें स्कूल, अस्पताल, संचार, नहरें और सड़कें शामिल हैं। इससे पूर्व डायवर्जन की अनुमति पांच हेक्टेयर वन भूमि के लिए थी

नक्सल प्रभावित राज्यों में विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति दी है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से 14 श्रेणियों में बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं के लिए यह मंजूरी दी गई।

गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2020-21 के मुताबिक जिन 14 श्रेणियों में परियोजनाओं के लिए वन भूमि के डायवर्जन की अनुमति दी गई है, उनमें स्कूल, अस्पताल, संचार, नहरें और सड़कें शामिल हैं। इससे पूर्व डायवर्जन की अनुमति पांच हेक्टेयर वन भूमि के लिए थी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए इसे बढ़ाकर अब 40 हेक्टेयर कर दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार सड़क आवश्यकता योजना (आरआरपी-1) को 26 फरवरी, 2009 से लागू कर रही है। अब आठ राज्यों के 34 नक्सल प्रभावित जिलों में सड़क संपर्क को बेहतर किया जा सकेगा। ये आठ राज्य आंध्र प्रदेश (अब आंध्र व तेलंगाना), बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तर प्रदेश हैं। 

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