जांजगीर। जिला अस्पताल जांजगीर में पदस्थ चिकित्सा बाल हठ से ग्रसित हो गए हैं दिनांक 27.4.2024 की ही तरह आज दिनांक 29.4.2024 को निर्धारित प्रातः ओपीडी के समय में केवल पांच चिकित्सक केंसर रोग के डॉ पटेल, एमडी मेडिसिन डॉ खांडा, ईएनटी विभाग की डॉ कश्यप , हड्डी रोग के डॉ चौहान, उपस्थित दिखे बाकी अन्य ड्यूटी से नदारत रहे सबसे बड़ी विडंबना यह दिखाई दी। अमोरा गांव से गर्भवती महिला विगत दो दिनों से सोनोग्राफी टेस्ट के लिए बैठी हुई है समय पर इलाज नहीं होने पर उसकी स्थिति निरंतर बिगड़ती ही चली जा रही है।

केवल एक आशा में की डॉक्टर आएंगे उसका टेस्ट करेंगे वह बैठी इंतजार में एक उचित अनिवार्य इलाज के लिए तरस रही है उसकी इतनी आय नहीं की बाहर जाकर निजी संस्थानों में अपनी जांच करा ले। उस महिला एवं उसके परिजनों के द्वारा जनता से रिश्ता के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की गई। इसी तरह शिशु रोग विशेषज्ञ के नहीं होने पर दूर दराज गांवों से आए एक परिवार का बच्चा दर्द में फर्श पर लेटा हुआ मिला। जब इस संबंध में सिविल सर्जन अनिल जगत से बात की गई तो उनके द्वारा वही रटा रटाया जवाब मिला देखता हूं,दिखवाता हूं। इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से बात की गई तो मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वती वंदना सिसोदिया द्वारा कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने एवं हेल्थ डायरेक्टर को कार्यवाही हेतु पत्र लिखने की बात कही गई।

By kgnews

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