इंदौर
 अगले वित्त वर्ष में होने वाले खर्च और व्यय का ब्यौरा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) बनाने में लगी है। 10-12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए विश्वविद्यालय करीब 325 करोड़ रुपये का बजट है। यह मार्च दूसरे सप्ताह में कार्यपरिषद में रखा जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक बजट में राशि का सबसे बड़ा हिस्सा अधिकारी, शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन का रखा है, जिसमें 50-60 करोड़ का खर्च हो सकता है, जबकि करोड़ रुपये से भवन निर्माण और उपकरण खरीदे जाएंगे।

आय का स्त्रोत ट्यूशन, परीक्षा, संबद्धता फीस है। करीब 80-100 करोड़ सालभर में आएंगे। वैसे कोरोना के चलते दो साल से फीस नहीं बढ़ाई है, लेकिन इस बार कुछ विभागों ने ट्यूशन फीस में वृद्धि करने पर विचार किया है। इस मुद्दे पर कार्यपरिषद में फैसला लिया जा सकता है।

विश्वविद्यालय का बजट बनाने में वित्त विभाग दस दिन से जुटा हुआ है। एसटी-एससी वेलफेयर फंड में इस बार बढ़ोत्तरी होना संभव नहीं है, क्योंकि बीते साल ही विश्वविद्यालय ने इस फंड में 39 लाख रुपये से बढ़कर दो करोड़ रुपये किए थे। विभागों के नए निर्माण व कायाकल्प प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक टीचर्स वेलफेयर फंड की राशि बढ़ाई जा सकती है। करीब चार करोड़ की राशि विश्वविद्यालय के पास फंड में रखी है। विश्वविद्यालय अपनी आय का स्त्रोत में अनुदान से मिलने वाला राशि, पेंटेंट बताया है।

विश्वविद्यालय ने अगले साल दो विभागों के भवन का कायाकल्प रखने का विचार किया है, जबकि रिजल्ट को लेकर विश्वविद्यालय अपना नया साफ्टवेयर बनाने में लगी है। करीब दो से तीन करोड़ रुपये खर्च आएगा। साफ्टवेयर की प्रक्रिया दूसरे चरण में पहुंच चुकी है, जिसमें आइटी कंपनियों का प्रेजेंटेशन होना बाकी है। कंपनी तय होने के बाद दो से तीन महीने में साफ्टवेयर बनाना होगा। अधिकारी के मुताबिक बजट की प्रक्रिया अंतिम चरणों में चल रही है।

By kgnews

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