इंदौर

मध्य प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में अब महिलाएं आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रही हैं। इंदौर जिले में विगत तीन सालों में 12 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियां महिलाओं के नाम पंजीकृत हुई हैं। मध्य प्रदेश में महिलाओं के नाम पंजीकृत कुल संपत्तियों में इंदौर की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत से अधिक है। प्रदेश में रजिस्ट्री कराने में मिल रही छूट का भी महिलाएं अतिरिक्त लाभ उठा रही हैं।

कोरोनाकाल के बाद से संपत्ति खरीदी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है। महिलाएं भी बड़ी संख्या में अब संपत्तियां खरीद रही हैं। विगत तीन साल में करीब 12 हजार करोड़ रुपये की जमीन, फ्लैट, घर, खेत व दुकान पर महिलाओं का मालिकाना हक हुआ है। तीन वर्षों में प्रदेश में महिलाओं के नाम पर चार लाख 70 हजार 200 रजिस्ट्रियां हुईं, इनमें अकेले इंदौर में 96 हजार 616 रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम दर्ज हुई।

मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं के नाम होने वाली रजिस्ट्री पर दो प्रतिशत छूट का प्रविधान कर रखा है। इंदौर की महिलाओं ने इस दो प्रतिशत छूट का लाभ उठाते हुए करीब 200 करोड़ रुपये भी बचाए हैं। इंदौर में शहरी क्षेत्र में 12.5 और ग्रामीण क्षेत्र में 9.5 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी लगती है। ऐसे में दो प्रतिशत छूट का आंकड़ा बड़ा होता है। महिलाओं को रजिस्ट्री में हजारों रुपये का फायदा मिलता है।

साढ़े पांच हजार करोड़ की संपत्तियां महिलाओं के नाम
वर्ष 2023-24 में पूरे प्रदेश में एक लाख 76 हजार 160 रजिस्ट्रियां महिलाओं के नाम हुईं। इसमें अकेले इंदौर जिले में 36 हजार 430 रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पंजीकृत हुईं। जबकि इंदौर जिले में कुल रजिस्ट्रियों का आंकड़ा भी एक लाख 76 हजार 462 है।

इसके अनुसार इंदौर में 38 प्रतिशत रजिस्ट्री महिलाओं के नाम हुई। विगत वित्तीय वर्ष में इंदौर की महिलाएं 5500 करोड़ रुपये की संपत्तियों की मालिक बनी और सरकार को 430 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

By kgnews

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