बिलासपुर। 20 जून को मुदरिया स्टेशन में नान इंटरलाकिंग का अंतिम दिन है। जैसे ही यह होगा इस रेलखंड पर 97 किमी तीसरी लाइन बिछाने का काम पूरा हो जाएगा। रेलवे की यह तीसरी लाइन ट्रेनों की समयबद्धता बढ़ाएगा और सेक्शन की क्षमता भी बढ़ेगी। भारतीय रेलवे अभी अधोसंरचना से जुड़े कार्यों पर फोकस कर रही है। यह कार्य दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन में चल रहा है। जिसमें अनूपपुर-कटनी स्टेशनों के मध्य 165.52 किमी नई विद्युतीकृत तीसरी लाइन का निर्माण भी शामिल है। इस कार्य के अंतर्गत घुंघुटी एवं मुदरिया स्टेशनों के मध्य 11 किलोमीटर रेल लाइन के तिहरीकरण कमीशनिंग कार्य के लिए मुदरिया स्टेशन में नान-इंटरलाकिंग का कार्य 13 जून से शुरू हुआ है और 20 जून को इसका अंतिम दिन है। इस कार्य के पूर्ण होने से अनूपपुर-कटनी के मध्य लगभग 97 किमी तीसरी लाइन हो जाएगी। इस बेहद महत्वपूर्ण व चुनौतीपूर्ण कार्य को करने के लिए रेलवे ने कई ट्रेनों को रद और परिवर्तित किया है। इससे यात्रियों को परेशानी भी हो रही है। लेकिन, जब यह पूरा हो जाएगा इसका सबसे बड़ा लाभ आम यात्रियों को ही मिलेगा। रेलवे दिन रात कार्य करा रही है, ताकि समय पर पूरा हो सके। अभी बिलासपुर रेल मंडल ही नहीं बल्कि जोन के तीनों मंडल में रेल लाइनों के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। बिलासपुर से झारसुगुड़ा तक चौथी लाइन बिछाने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके बाद बिलासपुर से नागपुर तक चौथी लाइन बनाई जाएगी। इससे ट्रेनों के परिचालन की गति की बढ़ेगी। बड़ी मशीनों का कर रहे उपयोग लाइन बिछाने का कार्य जितनी जल्दी पूरा हो जाए इसके लिए रेलवे कर्मचारियों के साथ मशीनों का भी उपयोग कर रही है। वर्तमान में टी-28, यूनिमैट एवं ड्यूमैटिक जैसी बड़ी मशीनों से कार्य कराया जा रहा है। अनूपपुर से कटनी रेल लाइन के तिहरीकरण हो जाने के पश्चात इस सेक्शन में क्षमता में और वृद्धि होगी, ट्रेनों की समयबद्धता बढ़ेगी और अधिकाधिक ट्रेनों के परिचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इसका सीधा लाभ इस अंचल के यात्रियों को होगा।

By kgnews

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