इंदौर
इंदौर में दो माह पहले ट्रेचिंग ग्रांउड पर तैयार हुए एशिया के सबसे बड़े बायो सीएनजी प्लांट से अभी तक सभी सिटी बसों को गैस मिलना शुरू भी नहीं हुई है। वहीं दूसरी ओर प्लांट संचालन करने वाली कंपनी और उसके कर्मचारियों के बीच विवाद सामने आ रहा है। संचालन करने वाली कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर ने कंपनी संचालक के खिलाफ ही थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
प्लांट का संचालन कर रही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विनिथ पिता शिवराज ने खुड़ैल थाने में प्लांट का संचालन कर रही एयरॉक्स नायजन कंपनी के संचालक अनिल अग्रवाल व नवरंग इंजीनियरिंग के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। विनिथ ने शिकायत की है एयरनाक्स नायजन कंपनी के साथ अनुबंध के समय तय हुआ था कि कंपनी तय समय में काम पूरा करेगी और गुणवत्ता वाले पार्ट्स लगाएगी। इस प्लांट को तैयार करने के लिए 90 फीसद राशि जीपीएस रिन्यूएबल प्लांट कंपनी ने एयरनाक्स कंपनी को दिए है। विनिथ का कहना है कि कंपनी ने काम भी पूरा नहीं किया और पूर्जे भी घटिया क्वालिटी के लगाए।
विनिथ ने शिकायत की है कि प्लांट में 18 अप्रैल को गैस एकत्र करने वाला एक बलून अचानक फट गया लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद 20 अप्रैल को दोपहर एक बजे प्लांट को बंद किया गया। जबकि पूर्व में एयरनाक्स कंपनी को प्लांट में तकनीकी सुधार के लिए जो भी बाते कही गई, उसका पालन अनिल अग्रवाल ने नहीं किया।
