भोपाल
उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में हिन्दी में एमबीबीएस (चिकित्सा शिक्षा) पाठ्य-सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा की। उप-मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिये कि शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व चिकित्सा शिक्षा के सभी वर्षों की पाठ्य-पुस्तकों की हिन्दी भाषा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। उप-मुख्यमंत्री ने वर्षवार और विषयवार पाठ्यपुस्तकों के लिप्यंतरण कार्य की समीक्षा की। श्री शुक्ल ने हिन्दी भाषा में एमबीबीएस पाठ्यक्रम का लाभ ले रहे छात्रों के फीडबैक के संबंध में जानकारी प्राप्त की। लगभग 10 प्रतिशत विद्यार्थी हिन्दी भाषा की पाठ्य-पुस्तकों का लाभ ले रहे हैं।
बैठक में जानकारी दी गई कि चिकित्सा शिक्षा के विभिन्न वर्षों की कुल 20 पुस्तकों में से 15 पुस्तकों का लिप्यंतरण किया जा चुका है और ये शासकीय मेडिकल कॉलेज की लाइब्रेरी में उपलब्ध हैं। साथ ही शेष 5 पाठ्य-पुस्तकों का लिप्यंतरण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इनके मूल्यांकन के उपरांत प्रिंटिंग की कार्रवाई 10 सितंबर तक पूर्ण कर ली जाएगी। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मो. सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री तरुण कुमार पिथोड़े, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुण श्रीवास्तव, प्रोफेसर श्वसन चिकित्सा विभाग एवं राज्य नोडल अधिकारी हिन्दी प्रकोष्ठ डॉ. लोकेंद्र दवे, उप-कुलसचिव एवं राज्य समन्वयक हिन्दी प्रकोष्ठ श्रीमती अमृता बाजपेयी, सलाहकार हिन्दी प्रकोष्ठ चिकित्सा शिक्षा श्रीमती रागिता अग्निहोत्री सहित विभिन्न पुस्तकों के लिप्यंतरण में कार्य कर रहे प्रोफेसर और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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