आरंग । आमतौर पर हमेशा देखा जाता है कि शासकीय विभाग मानसून के पूर्व अपनी तैयारियां पूरी कर लेता है, जिससे बरसात में लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है. वैसे तो जल संसाधन विभाग बना है किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए लेकिन रायपुर जल संसाधन विभाग को किसानों की कोई चिंता नहीं है. विभाग की लापरवाही का खामियाजा आरंग सहित जिले के हजारों किसानों को भुगतना पड़ सकता है. खरीफ फसल में किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिए जिस नहरों और माइनर की सहायता ली जाती है, अब तक इनकी सफाई नहीं हो पाई है. जल संसाधन विभाग द्वारा उचित रखरखाव नहीं होने से यहां खरपतवार और कचरे का अंबार लगा हुआ है. यही स्थिति पूरे क्षेत्र में है. रायपुर डिवीजन के अंतर्गत सब डिवीजन आरंग 04 के लखौली मेन केनाल से वितरक शाखा के माइनर पूरे आरंग क्षेत्र में फैला हुआ है. इससे गंगरेल बांध से खरीफ फसल के किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिलता है. लेकिन विभाग के उदासीनता और लापरवाही के कारण अभी तक नहर और माइनर की सफाई नहीं हो पाई है.
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