खंडवा
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत से प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। पर्वत पर 75 से अधिक छोटे- बड़े मकान और आश्रम अतिक्रमण के दायरे में आने से उन्हें चिन्हित किया गया है। सोमवार सुबह से यह कार्रवाई अचानक शुरू होने पर लोग मोहलत देने की बात कहते हुए विरोध करने लगे। हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा खंडवा कलेक्टर और नगर परिषद सीएमओ को न्यायालय के निर्देशों की अवहेलना पर फटकार लगाकर जवाब मांगा गया था।यह कार्रवाई उसी तारतम्य में की जा रही है।
ओंकार पर्वत पर करीब एक साल बाद फिर जेसीबी से कच्चे पक्के निर्माण को ढहाया जा रहा है। पर्वत पर अतिक्रमण को लेकर इंदौर के समाजसेवी विजय खंडेलवाल द्वारा करीब सात साल पहले हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। इस पर न्यायालय ने खंडवा प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद में वर्ष 2019 में कोर्ट ने आदेशों पर अमल नहीं होने की अवमानना याचिका पर जिला प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
पर्वत पर अतिक्रमण में मकानों के अलावा संत , महात्माओं व संस्थाओं के आश्रम और अवैध कब्जे होने से इन्हें हटाने के लिए पूर्व में भी कई बार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल चुकी है, लेकिन प्रभावशाली लोगों की बजाय आम लोगों के मकान और संस्थानों पर गाज के बाद हर बार मुहिम दम तोड़ जाती है।
