रायपुर, आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम की पहल पर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा के कुशल नेतृत्व में ‘‘प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान’’ (पीएम-जनमन) के दूसरे चरण अंतर्गत प्रदेश स्तर पर मिशन मोड पर पीवीटीजी परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार के योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। वहीं पीवीटीजी बसाहटों का सुव्यवस्थित विकास भी किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना का दूसरा चरण 23 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 सितंबर तक आयोजित होगी।दूसरे चरण में प्रत्येक पीवीटीजी बसाहट के पास ही शिविर लगाकर हितग्राहियों का आधार कॉर्ड, राशन कॉर्ड, पीएम जनधन खाता, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम मातृ वंदन योजना, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार पत्र, बिजली, पानी, पक्की सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सभी नोडल विभागों से प्राप्त लक्ष्य के विरूद्ध की गई प्रगति की ऑनलाइन एंट्री भी की जा रही है। दूसरे चरण अंतर्गत अब तक 30 हजार 393 पीवीटीजी हितग्राहियों ने करवाया पंजीयनदूसरे चरण के अंतर्गत अब तक प्रदेश स्तर पर 18 पीवीटीजी बसाहटों वाले जिलों में कुल 284 कैम्प लगाए गए हैं। इनमें अभी तक 30 हजार 393 पीवीटीजी हितग्राहियों ने अपना पंजीयन करवाया है। अब तक की प्रगति के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें 1013 हितग्राहियों का आधार कार्ड, 1813 हितग्राहियों का आयुष्मान भारत कार्ड, 269 हितग्राहियों को पीएम किसान सम्मान निधि, 305 हितग्राहियों का किसान क्रेडिट कार्ड, 553 हितग्राहियों का पीएम जनधन योजना, 98 हितग्राहियों को पीएम मातृ वंदन योजना, 723 हितग्राहियों का राशन कार्ड, 414 हितग्राहियों का जाति प्रमाण-पत्र, 420 हितग्राहियों का वन अधिकार पत्र बनाकर लाभान्वित किया जा चुका है। इसके अलावा 821 पीवीटीजी बसाहटों में सुदर वॉल पेंटिंग भी गई है। दूसरे चरण में पीवीटीजी हितग्राहियों को आकर्षित करने हेतु 104 कैम्प वेन्यू पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, योजना के प्रचार-प्रसार हेतु 710 होर्डिंग्स, पोस्टर, बैकड्रॉप कैम्प वैन्यू पर लगाए गए हैं इनमें योजना अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ की संक्षिप्त जानकारी बहुत ही सारगर्भित ढंग से दी गई है।उल्लेखनीय है कि योजना अंतर्गत 9 केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाना है। इन गतिविधियों में पक्के घर का प्रावधान, पक्की सड़क, नल से जल/समुदाय आधारित पेयजल, छात्रावासों का निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पोषण, बहुउददेशीय केन्द्रों का निर्माण, घरों का विद्युतीकरण (ग्रिड तथा सोलर पावर के माध्यम से), वनधन केन्द्रों की स्थापना, इंटरनेट तथा मोबाइल सर्विस की उपलब्धता और आजीविका संवर्द्धन हेतु कौशल विकास शामिल हैं। कुल मिलाकर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों एवं उनकी बसाहटों का संपूर्ण विकास करना ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। इन सभी गतिविधियों का क्रियान्वयन मिशन मोड में तीन वर्ष की अवधि में पूर्ण कर सभी बसाहटों को आवश्यकतानुसार अधोसरंचनात्मक रूप से सुदृढ़ बनाना है।

By kgnews

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