ग्वालियर
 एमआइटीएस के प्रोफेसर के घर डकैती डालने वाले पांच बदमाश पकड़ लिए गए हैं। इनमें एक गाड़ी धोने वाला कर्मचारी भी शामिल है। वह सालों से काम कर रहा था, कुछ दिन पहले जब दीक्षित परिवार अलमारी शिफ्ट कर रहा था, तभी उसे मदद के लिए बुलाया। इसी दौरान उसकी निगाह गहनों पर पड़ी और उसने दोस्तों के साथ शराब पार्टी के दौरान डकैती का ताना-बाना बुन डाला। अभी इस घटना में पांच आरोपी और फरार हैं, जिनकी तलाश चल रही है। खास बात यह है कि डकैती की वारदात काे अंजाम देने के लिए झांसी और करैरा से बदमाश बुलाए गए थे।

ग्वालियर जोन के एडीजी डी.श्रीनिवास वर्मा ने डकैती की घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पंचशील नगर में रहने वाले एमआइटीएस के प्रोफेसर डा.शिशिर दीक्षित के घर रुपये और सोने के गहने लूटने वाली गैंग की तलाश में 11 टीमों को लगाया था। टीमों ने दिनरात कड़ी मेहनत की। महज 24 घंटे के भीतर टीम ने डकैती की घटना का पर्दाफाश कर दिया। इसमें थाना, क्राइम ब्रांच से लेकर ट्रैफिक पुलिस तक की टीम ने काम किया। जिससे लुटेरों की गैंग के पांच सदस्य पकड़े गए। उन्होंने बताया कि करीबी पहले से संदेह के घेरे में थे। इनकी सूची तैयार की तो सामने आया कार साफ करने वाला नौकर चेतन सालों से इनके यहां काम कर रहा है। इसके बाद जिन बाइक पर लुटेरे आए थे, उन बाइक के साथ एक आटो चल रही थी। इस आटो पर संदेह गया। इसका नंबर तलाशा तो आखिरी की तीन डीजिट दिखीं, इस नंबर की 76 आटो पूरे शहर में तलाशकर पूछताछ की गई। यहां से सुराग मिला और सबसे पहले संजू को उठाया। उससे पूछताछ के बाद कड़ी खुलती चली गई। रात तक चेतन, अजय उर्फ टोपी, प्रमेश, संजू और कृष्णा कोली को गिरफ्तार कर लिया गया। इसमें चेतन ने अजय के साथ मिलकर लूट का पूरा ताना बाना बुना। अजय मूल रूप से झांसी का रहने वाला है, अजय ने झांसी और करैरा के बदमाशों को डकैती डालने के लिए बुलाया। इनके साथ मिलकर डकैती की वारदात को अंजाम दिया। अभी बाहर से आए बदमाशों की तलाश में पुलिस लगी है।

By kgnews

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