मुरैना
 नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में जिला न्यायालय के स्पेशल कोर्ट ने दोषी को 10 साल के सश्रम कारावास के साथ पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में शिकायत करने वाली मां ही बयानों से पलट गई थी, पर कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट का सजा का आधार बनाया।

जिला न्यायालय की मीडिया सेल प्रभारी रश्मि अग्रवाल ने बताया कि 28 जनवरी 2021 को महिला ने बानमोर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उसकी 17 साल की बेटी को बहला-फुसलाकर कैलारस थाना क्षेत्र के कुटरावली गांव निवासी 22 साल का मनीष पुत्र रूप सिंह कुशवाह ले गया है।

मनीष के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन के दौरान एक माह बाद 26 मार्च को नाबालिग को कुटरावली गांव मंे आरोपित के घर से ढूंढ निकाला। नाबालिग ने पुलिस को बयान दिया था कि पिता ने ही मनीष के साथ विवाह तय किया था, लेकिन अब मां इस विवाह का विरोध कर रही है, इसलिए वह मनीष के साथ घर से भाग गई और एक मंदिर शादी कर ली। इसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। चूंकि वह नाबालिग थी, इसलिए कोर्ट ने मनीष को अपहरण कर दुष्कर्म का दोषी माना और सजा सुनाई।

By kgnews

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