उज्जैन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को भस्म आरती में चलायमान व्यवस्था से भक्तों को दर्शन कराए गए। पहले दिन करीब पांच हजार भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। मंदिर समिति ने फिलहाल एक सप्ताह के लिए प्रायोगिक तौर पर यह व्यवस्था शुरू की है। इसके बाद दर्शनार्थी, पुजारी, पुरोहित तथा कर्मचारियों के रिव्यू के आधार पर इसे आगे लागू रखने पर निर्णय होगा।

महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के चार बजे भगवान महाकाल की भस्म आरती की जाती है। मंदिर समिति प्रतिदिन करीब 1700 भक्तों को 200 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क पर भस्म आरती दर्शन की अनुमति प्रदान करती है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में दर्शनार्थी बिना पंजीयन कराए लौट जाते हैं। मंदिर समिति ने बिना पंजीयन वाले दर्शनार्थियों के चलायमान दर्शन व्यवस्था लागू की है। सोमवार से सात दिवसीय ट्रायल का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन करीब पांच हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।

दर्शनार्थियों को फैसिलिटी सेंटर स्थित वीआइपी द्वारा से मंदिर में प्रवेश दिया गया। यहां से दर्शनार्थी कार्तिकेय मंडपम की आखिरी पंक्ति से दर्शन करते हुए बाहर निकले। भस्म आरती की एक झलक पाकर भक्त खुश नजर आए। मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा के बेहतर इंतजाम किए थे। दर्शनार्थी मंदिर में प्रवेश करने के बाद बिना रुके दर्शन करते हुए मंदिर के बाहर निकल गए।

By kgnews

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