चिचोला ग्राम बापूटोला निवासी बिंदाबाई कुमर्रा का खेत चीपी भर्री के पास नहर से लगा हुआ है। कुछ दिन पूर्व ही तेज बारिश के चलते खेत की मेड बह गई। फसल पूरी तरह रेत से ढक गई है। बिसौहा राम सैय्यम जो की बिंदा बाई का बेटी दामाद है वो ही खेत का 19 वर्षों से देखरेख कर रहा है। उसने बताया कि ग्राम बापूटोला के कुछ लोग नहर से रेत निकालकर मेरे खेत की मेड़ पर डंप कर रहे हैं, फिर कुछ महीनों बाद नहर सूखते ही इसकी सप्लाई करते हैं।
इस वर्ष भी मेड़ के नीचे से रेत निकल कर मेरे खेत में डंप कर दिया गया था। जिसके चलते मेड़ नीचे से खोखली हो गई थी। बारिश के तेज बहाव से मेड़ मिट्टी का कटाव होते ही बह गई और जमा की गई सारी रेत खेत में आ गई। इससे फसल का नुकसान हो गया। कई बार मना करने पर भी नहीं मानते। रात 3 बजे आते हैं और शराब के नशे में नहर से रेत निकासी शुरू करते हैं।
