राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने 4 सूत्रीय मांगों पर शुक्रवार को सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण शासकीय दफ्तरों में काम पुरी तरह प्रभावित रहा। कलेक्ट्रेट, संयुक्त जिला कार्यालय में स्थित विभागों, एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय, जिला पंचायत, जनपद कार्यालय में काम लेकर पहुंचे हितग्राहियों को लौटना पड़ा। शुक्रवार को यहां विरानी छाई रही। शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभागों में अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे।

प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, सचिव राजेश चटर्जी के आव्हान पर, जिला संयोजक डॉ. केएल टांडेकर एवं महासचिव सतीश ब्योहारे के नेतृत्व में सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन कर 4 सूत्रीय मांगों पर आवाज बुलंद की। धरना सभा को पदाधिकारियों ने संबोधित किया। शाम 4 बजे मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। फेडरेशन ने आंदोलन के चौथे चरण में सामूहिक अवकाश लेकर प्रदर्शन किया। पदाधिकारियों ने कहा उनकी 4 सूत्रीय मांगों को नजर अंदाज किया तो फेडरेशन अनिश्चित कालीन हड़ताल करने बाध्य होगा। प्रदर्शन में एसके ओझा, पीआर झाड़े, रामनारायण बघेल, उत्तम फंदियाल, डॉ. अशोक जैन, अरुण देवांगन, संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।

मांगों पर विचार नहीं करने से कर्मचारियों में आक्रोश महासचिव सतीश ब्यौहारे ने बताया कि पूर्व में फेडरेशन ने शांतिपूर्ण चरणबद्ध आंदोलन से राज्य शासन को अपनी मांगों से अवगत कराया है। शासन ने शासकीय सेवकों के हित में निर्णय नहीं लिया। इस कारण प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारी पेंशनर्स परेशान है। शासन राज्य सेवा के कर्मचारियों के वेतन में कटौती कर अधिकारों का हनन कर रही है। जिससे आक्रोशित कर्मचारियों ने एक दिवसीय प्रांत व्यापी कलम बंद-काम बंद हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन कर शासन तक बात पहुंचाने प्रयास किया जिससे जिले के दफ्तरों में काम ठप रहा।

फेडरेशन की हड़ताल में शामिल होने ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों के आरएचओ, नर्सेज एवं अन्य कर्मचारियों ने अवकाश लिया था। इस हड़ताल में शामिल होने के कारण मरीजों की जांच और इलाज प्रभावित रहा। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी ने बताया ओपीडी चली है सभी डॉक्टरों ने मरीजों की जांच की और इलाज किया। प्रशासनिक काम देखने वाले कुछ ही कर्मचारियों ने अवकाश लिया था इसका जांच एवं इलाज में ज्यादा असर नहीं पड़ा। मेडिकल कॉलेज में भी इस हड़ताल का मामूली असर रहा जांच और इलाज प्रभावित नही हुई।

कृषि, शिक्षा, राजस्व सहित अन्य विभागों में काम ठप शुक्रवार को हड़ताल के कारण कलेक्ट्रेट स्थित कृषि विभाग में सन्नाटा पसरा रहा। यहां घुमका क्षेत्र के मानपुर मासुल से किसान बीमा से संबधित काम लेकर पहुंचे थे। लेकिन अफसरों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण किसानों को वापस लौटना पड़ा। शिक्षा विभाग में दाखिल खारिज से संबधित काम लेकर पहुंचे गजेन्द्र कुमार को कार्यालय में ताला लगा होने के कारण वापस लौटना पड़ा। फूड, विभाग, राजस्व विभाग, नजूल शाखा, खनिज विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, श्रम विभाग में पहुंचे हितग्राहियों को लौटना पड़ गया।

By kgnews

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