राजनांदगांव नवजात को जन्म देने के बाद उसके मां-बाप उसे जिला अस्पताल में छोड़ कर भाग निकले। जिला अस्पताल के 100 बेड मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में ऐसा मामला सामने आया है। नवजात की हालत गंभीर होने के कारण उसे डॉक्टरों और जिला प्रशासन के अफसरों ने रायपुर रेफर किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम नवजात को लेकर रायपुर रवाना की गई है जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस नवजात के माता-पिता की तलाश कर रही है। जिला अस्पताल के 100 बेड मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में 19 सितंबर की रात एक गर्भवती को प्रसव कराने भर्ती किया गया था।
प्रसव के पहले अस्पताल के रजिस्टर में माता-पिता का नाम, मोबाइल नंबर व पहले के इलाज से संबधित जानकारी दर्ज की गई। मां ने अपना नाम सवानी पति बच्चु, खुद को मध्य प्रदेश और वर्तमान निवास डोंगरगढ़ में रहने की जानकारी दी थी। वहां 19 सितंबर की रात करीब 2 बजे नवजात को जन्म दिया। जानकारी अनुसार नवजात के प्राइवेट पार्ट्स मल-मूत्र त्याग करने की जगह सही ढंग से नहीं बनी बनी थी। अगले दिन तक माता-पिता अस्पताल में रहे और अगली रात नवजात को छोड़ भागे। नवजात को ब्लड की जरूरत पड़ने पर रक्तवीर फणेंद्र जैन, बसंतपुर के पार्षद ऋषि शास्त्री, योगेश साहू ने ब्लड का इंतजाम किया। उन्होंने एसडीएम अतुल विश्वकर्मा को सूचना दी। रक्तवीर फणेंद्र जैन एवं पार्षद ऋषि ने बताया कि माता-पिता मजदूर एवं बंजारा प्रवृत्ति के है जो रोजगार की तलाश में ठिकाना बदलते हैं। अज्ञानता एवं ऑपरेशन के खर्च से बचने नवजात को छोड़ भागे।
