CG : डेयरी संचालक बोला-बता नहीं सकते कि दूध से नहीं बना; इन जगहों पर बड़ी फैक्ट्रियां

रायपुर, में ठेले पर सब्जियों की तरह जगह-जगह नकली पनीर बिक रहा है। इसकी सप्लाई शहर के होटलों और दुकानों में होती है। इसको खाने के बाद बता नहीं सकते कि ये दूध से नहीं बना है। ये दावा है रायपुर में नकली पनीर बनाने वाले डेयरी संचालक का।

दरअसल, खाद्य विभाग की टीम ने बुधवार शाम भाठागांव में नेशनल हाईवे के पास नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री बंसल डेयरी पकड़ी है। टीम ने वहां से 50 किलो पनीर सील कर जांच के लिए भेज दिया है। इसके बाद दैनिक भास्कर ने आरोपी डेयरी के संचालक से बात की।

पहले जानिए कैसे बना रहे थे नकली पनीर

प्रोफेसर कालोनी के पास बंसल डेयरी है। डेयरी में स्किम्ड मिल्क पाउडर के साथ पाम ऑयल और पानी को मिलाकर दूध की तरह लिक्विड बनाया जा रहा था। इसके बाद बॉयलर से हीट गर्म करके पनीर तैयार किया जा रहा था।

संचालक हुकुम चंद बंसल का कहना है कि वह रोजाना 150 किलो पनीर बनाकर बेचता है। वह कहता है सप्लाई कहां-कहां होता है, नहीं पता। कुछ लड़के आते है जो पनीर लेकर पैसे देते हैं। फिर दुकानों, होटल ,रेस्टोरेंट, ढाबा में उसकी सप्लाई करते हैं।

210 रुपए में तैयार, 250-280 रुपए किलो में बेचा जा रहा

हुकुम चंद बताता है कि, 25 किलो स्किम्ड मिल्क पाउडर और 15 किलो पाम ऑयल से रोजाना 100 से 150 किलो पनीर बनाया जा रहा था। इसे 210 रुपए किलो में बेचते हैं। हालांकि इसे सीधे ग्राहक को नहीं, बल्कि कोचिए 20 से 25 किलो पनीर खरीदते हैं।

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फिर उसे आगे 250 से 280 रुपए किलो में बेचते हैं। हालांकि फैक्ट्री संचालक को पनीर खरीदने वाले ये लड़के कौन है, इसकी कोई जानकारी उसे नहीं है।

रायपुर में नकली पनीर बनाने की फैक्ट्री में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने की कार्रवाई।

रायपुर में नकली पनीर बनाने की फैक्ट्री में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने की कार्रवाई।

मछली रखने के डिब्बे में रखा जा रहा था पनीर

डेयरी में पनीर को बनाने के बाद उसे फिश रखने के थर्माकोल कंटेनर में रखा जाता था। डेयरी संचालक का कहना था कि ये कंटेनर बाजार से खरीद कर लाते हैं। उसे पहले साबुन से धोते हैं। हालांकि हुकुम चंद बंसल इस बात को स्वीकार करता है कि इस कंटेनर का इस्तेमाल करना गलत है।

फैक्ट्री में मिली गंदगी

फूड डिपार्टमेंट की टीम जब कार्रवाई करने पहुंची तो उन्होंने कई खामिया पाई। फूड सेफ्टी अफसर राखी ठाकुर ने बताया कि फैक्ट्री में गंदगी मिली। साथ ही जिस कंटेनर में मिल्क पाउडर को गर्म किया जा रहा था। उसमें मक्खी पाई गई और गर्म करने के बाद उसे प्लास्टिक के ड्रम में रखा जा रहा था।

कॉर्मिशयल सिलेंडर के बजाय वहाँ घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा था। प्रोडक्ट तैयार करने की जगह में गंदगी मिली। प्रोडक्ट तैयार करने के लिए फूड सेफ्टी के नॉम्स है उसे फॉलो ही नहीं किया जा रहा था।

शहर में चल रही 10 से 15 नकली पनीर बनाने वाली फैक्ट्री

मूलत: ग्वालियर के रहने वाले बंसल डेयरी संचालक हुकुम चंद बंसल ने बताया कि रायपुर शहर में 15 बड़ी फैक्ट्री चल रही है। जिसमें एक फैक्ट्री में 50 से 70 लड़के काम करते है। और वहां नकली और मिलावटी पनीर बन रहा है।

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वह बताता है कि, प्रोफेसर कॉलोनी, बीरगांव टाटीबंध, सिलतरा जैसे इलाकों में बड़ी मात्रा में नकली पनीर बनाने की फैक्ट्रियां चल रही है। लेकिन वहां कार्रवाई नहीं हो रही है। जहां चोरी हो रही है वहां कोई जाता नहीं है। वहां टनों में पाउडर , पाम ऑयल मिलेगा जिससे हजारों किलो प्रोडक्ट तैयार हो रहे हैं।

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