कभी मजदूरी कर चलाती थीं परिवार की आजीविका, आज तीन एकड़ में खेती से अर्जित की तीन लाख रुपये तक की आमदनी

अम्बिकापुर स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल लखपति दीदी बन रही हैं बल्कि अपनी आजीविका के नए साधन भी…

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माओवादियों का गढ़ रहे तर्रेम बना स्वास्थ्य मॉडलः राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल

रायपुर विकासखंड उसूर का अतिसंवेदनशील ग्राम तर्रेम, जो कभी माओवादी प्रभाव के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता…

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