उज्जैन 

उज्जैन अब प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में नई पहचान बनाने जा रहा है। शहर में इंटरनेशनल पैरामीटर्स वाली फूड एंड ड्रग टेस्टिंग लैब की स्थापना की तैयारी जोरों पर है। यह अत्याधुनिक लैब लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी, जिसका निर्माण कार्य मार्च 2026 से शुरू होने की संभावना है।

अधिकारियों के अनुसार, इस लैब में खाद्य पदार्थों, दवाओं और पेय पदार्थों की गुणवत्ता की जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों (International Standards) के अनुसार की जाएगी। इससे प्रदेश को सुरक्षित खाद्य एवं औषधि आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

फूड एंड ड्रग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अब तक प्रदेश में कई नमूने जांच के लिए भोपाल या दिल्ली भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में काफी समय लगता था। उज्जैन में इस नई सुविधा के शुरू होने से पूरे मालवा क्षेत्र को त्वरित जांच सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

यह लैब अत्याधुनिक उपकरणों, हाई-स्पीड एनालाइज़र, और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम से सुसज्जित होगी। इसमें प्रशिक्षित वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कार्य करेगी। परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 से पहले इस लैब को पूरी तरह संचालन में लाना है ताकि आयोजन के दौरान खाद्य और दवा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।

इस परियोजना से उज्जैन को औद्योगिक और स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि यह लैब न केवल उज्जैन बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी एक रीजनल रेफरेंस सेंटर के रूप में काम करेगी।

भोपाल लैब में होती थी जांच, रिपोर्ट आने में लगते थे महीनों

अब तक प्रदेश भर से जहरीली कफ सिरप के अलावा कई दवाइयों, मिलावटी खाद्य सामग्री के जो सैंपल लिए जाते थे. उनकी जांच भोपाल स्थित राज्य प्रयोगशाला के जरिए होती थी. जिसमें जांच रिपोर्ट आने में सप्ताह से लेकर कई महीने तक लग जाते थे. ऐसी स्थिति में ना तो मिलावटखोरों पर प्रभावी कार्रवाई हो पाती थी, ना ही समय रहते मिलावट पर ही अंकुश लगा पता था. यही वजह है कि लंबे समय से राज्य सरकार अब इंदौर में एक समानांतर लैब स्थापित करने के प्रयासों में थी.

फूड एंड ड्रग लैब का सीएम ने किया शुभारंभ

5 साल पहले कमलनाथ सरकार द्वारा चलाए गए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान इंदौर में जिस फूड एंड ड्रग लैब की आधारशिला रखी गई थी. उसका शुभारंभ सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने मिलावटखोरों को चेतावनी देते हुए कहा अब "लैब से तत्काल रिपोर्ट प्राप्त होगी. जिसके आधार पर मिलावट करने वाले लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा सकेगी."

मिलावटी दवाई और खाद्य उत्पादों की होगी जांच

वहीं स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया "मध्य प्रदेश में अब फूड एंड ड्रग की जांच के तमाम संसाधनों के अपग्रेड होने के साथ मिलावटी दवाई के अलावा खानपान में मिलावट की जांच क्षमता में 200% वृद्धि हुई है. इंदौर की लैब तैयार हो जाने से 6000 की तुलना में अब करीब 20,000 जांच हो सकेगी. इसके अलावा अब जल्द से जल्द जहरीली सिरप और अन्य मिलावटी सामग्री की रिपोर्ट भी तत्काल प्राप्त हो जाएगी.

मध्य प्रदेश में होगी औषधी प्रयोगशालाएं स्थापित

उन्होंने कहा 8 करोड़ रुपए की लागत से मध्य प्रदेश की दूसरी आधुनिक लैब स्थापित किए जाने के बाद जल्द ही संभाग स्तर पर खाद एवं औषधी प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएगी. जिसमें ग्वालियर जबलपुर के बाद उज्जैन में सेहत के लिहाज से एक आधुनिक लैब स्थापित होगी. जहां इंटरनेशनल पैरामीटर के हिसाब से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा. इसके अलावा मध्य प्रदेश में होने वाले तमाम टेस्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतर सके इसके लिए भी प्रयास हो रहे हैं.

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