छत्तीसगढ़ में बालोद के ग्राम खुर्सीपार में शासकीय प्राथमिक शाला का सोमवार को परिजनों और बच्चों ने बहिष्कार कर दिया। स्कूल में केवल शिक्षक ही बैठे नजर आए। परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। कुर्सियां खाली और कक्षाएं वीरान रहीं। सरपंच रोहित कुमार ठाकुर ने बताया कि हम लंबे समय शिक्षक की मांग कर रहे हैं। यहां पर 74 बच्चों में सिर्फ दो ही शिक्षक हैं। ऐसे में बच्चे कैसे पढ़ेंगे। कहा कि, जब तक शिक्षकों की कमी पूरी नहीं हो जाती तब तक बच्चे स्कूल नहीं जाएंगे।  

स्कूल की शिक्षिका ने बताया कि यहां 74 बच्चे पंजीकृत हैं और तीन टीचर हैं। इसमें से एक शिक्षक को दूसरी जगह अटैच किया गया है। वहीं एक पुरुष शिक्षक हैं, जो कि पैरालाइज हैं। इस तरह शिक्षकों की कमी है। हमें स्कूल आने के बाद पता चला कि पालकों ने बहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि, जब तक स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं आएंगे तब तक बहिष्कार जारी रहेगा। ऐसे में हम क्या कर सकते हैं। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दी है। आगे वही निर्णय करेंगे। 

गिर रहा शिक्षा का स्तर
सरपंच रोहित कुमार ठाकुर ने बताया कि विद्यालय में दो शिक्षक हैं। एक तो पैरालाइज हैं। दूसरी एक शिक्षिका जो की प्रधान पाठक का सारा कार्य करती हैं। वह दस्तावेज बनाने में ही व्यस्त रहती हैं। इस तरह बच्चों को कोई पढ़ाने वाला नहीं रहता। इसलिए भले हम बच्चों को घर में रखेंगे पर विद्यालय नहीं भेजेंगे। शिक्षा का स्तर काफी गिरता जा रहा है। हम लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि पर्याप्त तीन शिक्षकों की कमी को पूरा किया जाए।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *