सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के पीएमश्री सेजेस सारंगढ़ के प्राचार्य लक्ष्मी प्रसाद पटेल को कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आदेश के बाद भी प्राचार्य पद पर जॉइनिंग नहीं लेने और शासकीय निर्देशों का पालन नहीं करने पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी को पूर्व में आदेश जारी कर शासकीय हाई स्कूल दानसरा, विकासखंड सारंगढ़ में प्राचार्य के पद पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके द्वारा वहां उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया गया है।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि संबंधित प्रकरण की जांच पूरी होने तक लक्ष्मी प्रसाद पटेल का संलग्नीकरण शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यथावत प्रभावशील रखा गया है। इसी के तहत उन्हें शासकीय हाई स्कूल दानसरा में प्राचार्य के रूप में कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया था। प्रशासन का कहना है कि आदेश का पालन नहीं होने से एक ओर जहां विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर संबंधित विद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।
कलेक्टर ने नोटिस में निर्देश दिया है कि सूचना प्राप्त होते ही तत्काल शासकीय हाई स्कूल दानसरा पहुंचकर प्राचार्य पद का कार्यभार ग्रहण करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही आदेश का पालन नहीं करने के संबंध में तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्ट और तथ्यपरक लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर यदि संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं होता है या आदेश का पालन नहीं किया जाता है तो यह माना जाएगा कि संबंधित अधिकारी को इस संबंध में कुछ नहीं कहना है। ऐसी स्थिति में उनके खिलाफ शासकीय आदेशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।
प्रशासन ने इस कार्रवाई की जानकारी स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दी है। नोटिस की प्रतिलिपि सचिव, छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर, जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सारंगढ़ और प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल दानसरा को भेजी गई है। मामले में प्रशासन का रुख साफ है कि शासकीय आदेशों का पालन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अनिवार्य है। शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और प्रशासनिक कार्यों में बाधा रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। अब प्राचार्य लक्ष्मी प्रसाद पटेल को तीन दिनों के भीतर अपना जवाब देना होगा। इसके बाद प्रशासन उनके स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
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